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एटा:विसर्जन सिंह यादव की तरह फस सकते है उत्तर प्रदेश पुलिस के और भी अधिकारी

एटा/लखनऊ
ब्यूरो रिपोर्ट

अफसर शाही की चमक लगभग दागदार अफसरों को अंधा बना देती है। ऐसे मामले उत्तर प्रदेश में होना नए नही है। जहां के अफसर ही अपने विभाग पर कालिख पोतने का काम कर रहे हो। दरअसल बात उत्तर प्रदेश के जनपद एटा के थाना क्षेत्र जैथरा की है। एक समय जहां खाकी का इकबाल इतना बुलंद हो गया था। कि थानों में नए-नए कारनामे होने लगे। कारनामे ऐसे कि आपको पढ़ के या जान करके एक धक्का सा लग सकता है। वैसे पूर्व की सरकारों में फर्जी मुक्कदमे दर्ज होना तो आम बात थी। एटा पुलिस के अपर पुलिस अधीक्षक विसर्जन सिंह यादव कुछ भृष्ट अधिकारियों को बचाने के चक्कर मे अपनी गर्दन खुद व खुद फसवाते चले गए। जांच एजेंसियों का चाबुक इस कदर चला कि सरकार को रिटायर होने के बाद उनकी पेंशन तक रोकनी पडी। मामला पिछली सरकार के समय का इतना गम्भीर है कि जैथरा पुलिस थाना बगैर स्टाप के 18 दिन चल गया। ये बात कोई हम नही कह रहे बल्कि उस समय मे जिले के अपर पुलिस अधीक्षक विसर्जन सिंह यादव ने अपनी रिपोर्ट में खुद ही साबित कर दिया है। अब आप इस कारनामे से खुद ही अंदाजा लगा सकते है कि इनके अंदर भ्रस्टाचार किस कदर कूट कूट कर भरा हुआ था। वैसे इस जांच में कोई अकेले एएसपी ही नही बल्कि उस समय के एसओ रहे कैलाश दुबे सीओ और एसएसआई की गर्दन भी जांच एजेंसियों ने अपने हाथों से जकड़ रखी है।
हम है वर्दी वाले हमको नही है किसी का डर खाकी फिल्म का ये डायलॉग आज कल एटा पुलिस पर भलीभांति जच ही नही रही बल्कि पुलिस की सजावट में चार चाँद भी लगा रही है। क्योंकि उस समय जैथरा थाने पर तैनात रहे एसओ कैलाश दुबे और उप निरीक्षक मदन मुरारी द्विवेदी पर जांच एजेंसी ने लगभग 10 दिन पहले इन पुलिस अधिकारियों पर प्राथमिकी पंजीकृत करवाई। वर्तमान सीओ अजय भदौरिया ने जांच करके अपनी रिपोर्ट जिले के पुलिस कप्तान यानी कि एसएसपी को प्रेषित कर दी थी।  उसके भी बाद जिले में वर्तमान में तैनात वरिष्ठ अधिकारियों ने कोई संज्ञान ही नही लिया क्योकि कैलाश दुबे इस समय जनपद कानपुर नगर पुलिस में तैनात है। वही उप निरीक्षक सकीट थाने में तैनात है।
जब इस मामले की जानकारी एसएसपी स्वपनिल ममगई से की गई तो उन्होंने बताया उप निरीक्षक मदन मुरारी द्विवेदी को लाइन हाजिर कर दिया गया। और कैलाश दुबे इस समय कानपुर पुलिस में तैनात है। एटा पुलिस के  द्वारा कानपुर पुलिस के साथ इस संदर्भ में पत्राचार किया गया है।

रिपोर्ट-शुभम कुमार
ब्यूरोचीफ-कानपुर नगर

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