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एटा पुलिस का कारनामा,थाना पुलिस बना रही मुकदमा बापस लेने का दबाव,मुकदमा बापस नही लेने झूठे मुकदमा में फ़साने की धमकी,

उत्तर प्रदेश सरकार में एटा पुलिस पर किसी भी प्रकार का कोई भी अंकुश लगते नजर नहीं आ रहा है बहीं पीड़ित थाने में अपनी शिकायत यह सोचकर जाता है की क़ानून से न्याय मिलेगा जव पुलिस का यह घिनोना रूप देखता है तो उसका भरोसा उठ जाता है और एटा के बरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अपनी आँखों से काली पट्टी बंधे बैठे है।
ऐसा ही मामला सकरौली थाना का है सकरौली थाना क्षेत्र के गावँ बावरपुर निवासी वीरेश पाल सिंह की पुत्री मोनिका 12 नवम्बर की सुबह कंप्यूटर की टाइपिंग सीखने को अवागढ़ के लिए गयी थी उनका आरोप है।
कि गांव के ही दो लड़के रूसी व पुष्पेन्द्र पुत्र वीरेंद्र सिंह का मेरी बेटी को रस्ते से भगा ले गए है जिन्होंने ले जा कर किसी तीसरे व्यक्त के हाथों में दे दिया है
जिसकी सूचना नजदीकीय थाना सकरौली में दी तो पुलिस ने अपनी मनमानी करते हुए 3 दिन में रिपोर्ट अपने मनमाने ढंग से खुद बोल कर लिखबा दी । उसके पॉड पुलिस ने दोनों अभियुक्तों को 11 दिन पहले गिरफ्तार किया था न उन्हें जेल भेज नहीं ही मेरी बेटी का कोई सुराग लगाया,
पीड़ित परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने एक लाख दस हजार रूपये लड़के पक्ष से रिसबत ली है। जिसके लिए पीडत दर दर न्याय के लिए भटक रहा है फिर भी नहीं मिल रहा न्याय ।
पीड़ित का कहना है की हम जब ठाणे आते है तो पुलिस मुझपर समझोते का दवाब बनाती है और कहती है यदि समझोता नहीं किया तो तुझे और तेरे बेटे को किसी केस में जल भेज दूँगा ।
और पुलिस इस बात का भी दबाव बनती है की तेरी बेरी इलाहाबाद कोर्ट गयी है वहां से तू खुद लेकर आ पुलिस नहीं जायेगी । पुलिस खुद न जाकर पीड़ित को ही सात रही है ।


  बाइट- पीड़ित पिता बीरेश पाल सिंह
रिपोर्ट सुधीर यादव/राहुल कुमार

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