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एटा: दुर्घटना का ट्रेक्टर बदलने के मामले की होगी पुनः विवेचना

एसएसपी ने इंस्पेक्टर जैथरा को जारी किया आदेश

सीओ की जांच में एसओ, एचसीपी के फर्जीवाड़े की हुई थी पुष्टि

एटा: वादी के फर्जी हस्ताक्षर कर दुर्घटना का ट्रेक्टर बदलने के मामले की अब पुनः विवेचना होगी। एसएसपी ने इंस्पेक्टर जैथरा को आदेश जारी किए हैं। सीओ अलीगंज की जांच में एसओ व एचसीपी के फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई थी। तत्कालीन एसओ ने विवेचना के दौरान दुर्घटना का ट्रेक्टर बदलकर आरोपियों को अनुचित लाभ पहुंचाया था।
     सपा सरकार में कोतवाली जैथरा के तत्कालीन थानाध्यक्ष कैलाश चंद्र दुबे ने आरोपियों से मिलकर वादी के नाम के प्रार्थना पत्र की कूट रचना व फर्जी हस्ताक्षर कर दुर्घटना में शामिल ट्रेक्टर को बदल दिया था | नए लगाए गए ट्रेक्टर के साथ न्यायालय में आरोप पत्र पहुंचने पर वादी को दुर्घटना का ट्रेक्टर बदलने की जानकारी हो सकी। जिसकी पीड़ित दिनेश कुमार ने तत्कालीन पुलिस कप्तान सत्यार्थ अनिरूद्ध पंकज से की। तत्कालीन एसएसपी ने मामले की जांच सीओ अलीगंज को सौंप दी | दागी दरोगा के कारण काफी समय तक जांच लंबित पड़ी रही | मामले शिकायत डीजीपी कार्यालय में हुई, तो अधिकरी सक्रिय हो गए | तत्काल जांच रिपोर्ट मांग ली गई | 
   सीओ अलीगंज अजय भदौरिया ने जांच रिपोर्ट एसएसपी को भेज दी | सीओ की जांच में तत्कालीन एसओ कैलाश चंद्र दुबे व एचसीपी सीपी सिंह फर्जीवाड़े के दोषी पाए गए।जांच में फर्जीवाड़ा कर दुर्घटना का ट्रेक्टर बदलने, एचसीपी को नियम विरुद्ध विवेचना सौंपने के साथ ही त्रुटिपूर्ण विवेचना संपादित करने की स्पष्ट पुष्टि हुई।लोकसेवक होते हुए एसओ व एचसीपी ने आरोपियों से मिलकर गंभीर प्रकृति का अपराध किया।
     सीओ की जांच में फर्जीवाड़ा,नियम- कानूनों की अनदेखी कर त्रुटि पूर्ण विवेचना संपादित करने की पुष्टि होने के बाद भी किसी भी अफसर ने दोषी दरोगा,एचसीपी पर न तो एफआईआर दर्ज करने के आदेश पारित किए और न ही मुकदमा की पुनः विवेचना के आदेश जारी किए।
   पीड़ित दिनेश ने हिम्मत नहीं हारी और एक बार पुनः नये पुलिस कप्तान आशीष तिवारी से मुकदमा की पुनः विवेचना कराने की गुहार लगाई। एसएसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इंस्पेक्टर जैथरा इंद्रेशपाल सिंह को मुकदमा की पुनः विवेचना करने के आदेश दिए हैं।

एक अधिकारी ने एसएसपी को किया भटकाने का प्रयास
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हुआ यूं जब एसएसपी आशीष तिवारी पीड़ित दिनेश से प्रकरण की पूर्ण जानकारी ले रहे थे, तभी उनके पास बैठे एक अधीनस्थ पुलिस अधिकारी तत्कालीन एसओ का बचाव करते हुए एसएसपी को लगातार गुमराह करते जा रहे थे। उन्होंने एसएसपी से यहां तक कहा कि यह आये दिन ऐसे ही प्रार्थना पत्र देता रहता है, परन्तु एसएसपी ने उनकी एक न सुनी और अधीनस्थ बाबू से तत्कालीन एसओ कैलाश चंद्र दुबे से संबंधित पूर्ण पत्रावली तलब कर लीं। पत्रावली के गहन अवलोकन के बाद एसएसपी ने मुकदमा की पुनः विवेचना के आदेश जारी कर दिए, साथ ही इंस्पेक्टर को भी फोन कर भी पुनः विवेचना का आदेश बताया। तत्कालीन एसओ की पैरवी कर पीड़ित को झूठा साबित करने का प्रयास करने वाले अधीनस्थ अधिकारी को मुंह की खानी पड़ी।

क्या था मामला
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एटा - जैथरा थाना क्षेत्र में नगला कड्डी निवासी दिनेश कुमार की बेटी प्रियंका की  19 फरवरी 2016 को ट्रेक्टर से कुचलकर मौत हो गई थी | पुलिस ने घटना स्थल से ट्रेक्टर बरामद कर रिपोर्ट शीलेन्द्र निवासी नगला कंचन के खिलाफ दर्ज की थी, लेकिन पुलिस ने चालीस दिन बाद आरोपी से मिलीभगत कर 31 मार्च को वादी के नाम के फर्जी प्रार्थना पत्र पर दुर्घटना के ट्रेक्टर को बदल कर आरोपी के रिश्तेदार का ट्रेक्टर दिखा दिया था | फर्जीवाड़े की शिकायत दिनेश ने तत्कालीन एसएसपी से की थी |

रिपोर्ट- सुनील कुमार

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