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नही रहे कड़वे वचन से प्रसिद्ध जैन मुनि श्री तरुण सागर महाराज

अपने कड़वे प्रवचनों के लिए प्रसिद्ध जैन मुनि तरुण सागर जी महाराज अनंत यात्रा पर निकल गये। आज अहले सुबह दिल्ली के कृष्णा नगर स्थित राधापुरी जैन मंदिर में उन्होंने आखिरी सांस ली। वे अपने शिष्यों सहित वहां चातुर्मास पर थे। 20 दिन पहले उन्हें पीलिया होने पर दिल्ली के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन उन्होंने इलाज कराने से मना कर दिया था और संथारा यानि संलेखना व्रत ( आहार-जल का त्याग) पर चले गये थे। तरुण सागर जी महाराज का मूल नाम पवन कुमार जैन था। उनका जन्म दमोह (मध्यप्रदेश) के गांव गुहजी में 26 जून, 1967 को हुआ। मुनिश्री ने 8 मार्च 1981 को घर छोड़ दिया। इसके बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ में दीक्षा ली।अंतिम संस्कार आज दोपहर 3 बजे तरुणसागरम तीर्थ दिल्ली- मेरठ हाइवे पर होगा। आध्यात्मिक जगत में शोक की लहर है।

रिपोर्ट:अनुज प्रताप सिंह

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