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सीएम साहब यहाँ गरीबो के निबाले पर डाका किसी को नही भनक सैकड़ो कुंतल गेहू कहां से आया और कहाँ था बेचा जाना

बिना रजिस्टेशन, बिना अनुमति के चल रही थी प्राईवेट गोदाम
प्रशासन ने गोदामों का कराया सीज
अलीगंज-तहसील अलीगंज के ग्राम जहाननगर में काफी दिनों से चल रही थी प्राईवेट गोदाम, हजारों कुन्तल का था भण्डारण, न प्रशासन को खबर, न मण्डी समिति में कोईं अभिलेख न ही पूर्ति कार्यालय में कोई रजिस्टेशन। सूचना मिलने पर गोदाम संचालक द्वारा कोई भी संतोषजनक साक्ष्य न दिखाने पर उपजिलाधिकारी ने गोदाम को सीज किया है। आश्चर्य की बात तो यह है कि तहसील के मात्र दो किलो मीटर दूर पर इतना बढा भण्डारण ग्रह चलने के बावजूद भी प्रशासन को मुखबिर से दी गई सूचना से पूर्व प्रशासन को जानकारी तक नहीं।
विदित हो कि दो दिन पूर्व दूरभाष पर उपजिलाधिकारी महेन्द्र सिंह तंवर को किसी ने सूचना दी कि ग्राम जहाननगर में अवैध रूप से अनाज के भण्डारण को गोदाम से निकालकर टक पर लोड किया जा रहा है। जिस पर उपजिलाधिकारीने तत्काल तहसीलदार रनवीर सिंह, नायब तहसीलदार लक्ष्मीकांत वाजपेयी व पुलिस को मौके पर भेजा। रात 10 बजे तक कार्यवाही चल रही, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। गोदाम संचालक मंतोष उर्फ अवधेश लगातार तीन दिन से प्रशासनिक अधिकारियों जिला पूर्ति अधिकारी व मण्डी समिति के अधिकारियों को गुमराह कर रहा है, लेकिन मंगलवार को उपजिलाधिकारी ने पुनः छापा मारा और मण्डी समिति, जिला पूर्ति अधिकारी, राजस्व विभाग से मौके पर जांच कराई।
उपजिलाधिकारी ने मौके पर गोदाम संचालक मंतोष श्रीवास्तव से केवल दो ही प्रश्न पूछे कि गेहूं किन-किन से खरीदा है और उसका भुगतान किस-किस को किया। जिसका गोदाम संचालक कोई जवाब ही नहीं दे सका, न कोई अभिलेख दिखा सका। इस पर उपजिलाधिकारी ने मंतोष को तीन दिन में स्पष्टीकरण देने को कहा है और चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के अंदर संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया तो कालाबाजारी अधिनियम के अन्तर्गत कार्यवाही सुनिश्चित है। विदित हो कि मंगलवार के निरीक्षण में पूर्ति विभाग को गोदाम के एक कक्ष में 1089 पैकेट एवं दूसरे कक्ष में 2155 पैकेट मिले, इससे दो दिन पूर्व लोड किए गए टक में 300 कुन्तल गेहूं था, जो पुलिस अभिरक्षा में है। लगातार तीन तक चल रही कार्यवाही क्षेत्र कालाबाजारी करने वालों में हडकम्प है। 
प्रथम दष्टया मामला कालाबाजारी का 
अलीगंजः जिला पूर्ति अधिकारी उमेश चन्द्र मिश्रा ने बताया कि बिना रजिस्टेशन व बिना अनुमति के चल रही थी इतनी बडी गोदाम। इसका ज्ञान न पूर्ति विभाग, न मण्डी समिति को था। प्रथम दष्टया यह कालाबाजारी प्रतीत होती है। 
आखिर बार-बार तीन दिन का मौका क्यों
अलीगंजः इतनी बडी तादाद में पकडे गेहूं के मामले में प्रशासन द्वारा बार-बार तीन-तीन दिनों की मोहलत गोदाम संचालक को क्यों दी जा रही है। जबकि जांच टीम के पास सारे साक्ष्य अवैध रूप भण्डारण करने के मिले हैं, इस तरह तीन-तीन का समय देना विचारणीय प्रश्न है। 
गोदाम के बगल में ही है राशन की दुकान 
अलीगंजः उपजिलाधिकारी के निर्देश पर की गई कार्यवाही के दौरान पता चला है कि गोदाम परिसर में ही सरकारी राशन की दुकान एवं उसकी गोदाम भी है। उपजिलाधिकारी ने बताया कि जांचोंपरान्त ही पता चलेगा कि कितना गेहूं सरकारी है व कितना खरीदा हुआ।
रिपोर्ट अनन्त मिश्रा

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