Header Ads

एटा में खुले में शौच की हकीकत जानने जब अचानक रात के अंधेरे में एक गांव में पहुंचे डीएम अमित किशोर

एटा-कड़कड़ाती शर्दी और अंधेरे में जिला अधिकारी को गांव में देखकर आवाक रह गए ग्रामीण...
महिलाओ, पुरुषो, बच्चो को इज्जत का वास्ता देकर खुले में शौच न जाने को समझाया
ग्रामीण महिला पुरुषो ने जिला अधिकारी से किया अपने पैसों से घरों में शौचालय बनवाने का वादा
सुबह 4 बजे का समय, कड़कड़ाती सर्दी में घने कोहरे और घुप्प अंधेरे के बीच अचानक जिला अधिकारी एटा अमित किशोर की गाड़ी अचानक एटा के एन एच 91 पर होटल माया पैलेस पर आकर रुकती है, उसमे ट्रेक सूट में जिला अधिकारी एटा सिर में टोपी लगाए और गले मे मफलर डाले बैठे हैं, वे गाड़ी के अंदर से ही किसी को फोन लगाते हैं तभी होटल से निकल कर ट्रेक सूट पहने एक दूसरा शख्स आकर जिला अधिकारी की गाड़ी में आकर बैठ जाता है,बाद में मालूम पड़ा कि यह शख्स यूएनओ के भारत मे वाटर सप्लाई एंड सेनिटेशन कोलेबोरेटिव कॉउन्सिल के कंट्री हैड विनोद कुमार मिश्रा हैं, इसके बाद स्वच्छ भारत मिशन से जुड़े अधिकारी और वॉलिंटियर्स आते गए और करवा बनता गया, गाड़िय़ाँ  अचानक घने कोहरे और अंधेरे को चीरती हुई कासगंज रोड से होती हुई मारहरा रोड पर मुड़ गई और आगे लगभग 7 किलोमीटर चलकर निधौली कला ब्लॉक के बंथल गांव में पहुंची जहां शुरू हुआ खुले में शौच जाने वालो का रियलिटी चैक...
हाथों में लोटे और डब्बे लेकर खुले में शौच जाने और शौच कर लौटने वाले महिला, पुरुषो, बच्चो को खुले में शौच न करने के लिए समझाने का प्रयास...
महिलाओ को समझाने में मुख्य भूमिका महिला वॉलिंटियर्स ने निभाई, घरों की कुंडी खटखटाकर भी लोगो को निकालकर समझाया गया...
यह देखकर हैरत हुई कि लोगो के आलीशान पक्के मकानों में भी शौचालय नही हैं, सक्षम लोग भी शौचालय बनवाने के लिए सरकारी मदद का इंतजार कर रहें हैं...
पूरे भारत मे स्वच्छ भारत मिशन के तहत खुले में शौच मुक्ति का अभियान जोर शोर से चल रहा है परंतु उत्तर प्रदेश में अधिकारियों के रुचि न लेने के कारण यह अभियान सुस्त और भ्रस्टाचार और घोटालों से घिरा दिखासी देता है परन्तु उत्तर प्रदेश के एटा जिले में एक युवा जिलाधिकारी इस अभियान के तहत रात दिन काम करके और शुवह को खेतों में सौच जाते समय खुद गांवो में जाकर महिला पुरुषो को रोककर उनसे अपने घरो में अपने खर्चे पर शौचालय बनवाने के लिए प्रेरित भी करते हैं...
अपने इसी अभियान के चलते वे आजकल एटा जैसे पिछड़े जिले में वे रात के अंधेरे में भी लोगो को खुले में सौच न करने को प्रेरित करते हैं...
25 नवंबर 2017 को एटा जिले के जिला अधिकारी सुबह 4.30 बजे अचानक अपने अधिकारियों और वॉलिंटियर्स के साथ एटा जिले के निधौली कला ब्लॉक के बंथल गाव में जा पहुचे, वहां शुवह शुवह 4.30 बजे अधिकारियों और पुलिस फ़ोर्स को देखकर गाव के लोगो मे कौतूहल देखने को मिला, इस गाव में 90 फीसदी महिला पुरुष अभी भी खुले में सौच करते हैं...
जिला अधिकारी के साथ इस दौरान यूनाइटेड नेशन्स के भारत मे कंट्री हेड(WSSCC) विनोद कुमार मिश्रा, और यूएन के एटा में(WSSCC) जिला प्रमुख विजय वर्मा और अनेको अधिकारी और वॉलिंटियर्स मौजूद थे...
गाव में एक एक घर मे जाकर महिला पुरुषो को जिला अधिकारी और उनकी टीम ने घरों में शौचालय बनवाने के लिए न केवल प्रेरित किया वरन इस कार्य को महिलाओ की इज्जत से भी जोड़ा, जब जिला अधिकारी और उनकी टीम गाव के महिला पुरुषो और युवाओं को समझाती तो वे पहले तो सिरे से मना करते परंतु अंत मे अपने घरो में शौचालय बनवाने का वादा भी करते हैं
इस दौरान जिला अधिकारी ने देखा कि गाव में लोगो ने लाखों रुपये खर्च करके अपने अपने घर तो पक्के बनवा रखे है परंतु शौचालय अधिकांश ने नही बनवाये हैं, अधिकांश लोगों महिलाओ और पुरुषो ने सरकारी सहायता मिलने पर शौचालय बनवाने की बात कही, जो लोग सक्षम है उन्हें भी अपने घरों में शौचालय बनवाने के लिए सरकारी मदद का इंतजार हैं...
इस दौरान गाव में 2015-16 के दौरान निर्मल भारत अभियान के तहत गाव में शौचालय बनवाने में घोटाला भी दिखाई दिया, करीब एक दर्जन शौचालय ऐसे मील जिनका ऊपर का स्ट्रक्चर तो बना पाया गया परंतु उनमें टैंक नही पाये गए...
ग्राम प्रधान और सचिव ने मिलकर इन शौचालय के रुपये तो निकाल लिए परंतु उनको पूर्ण रूप से बनाया ही नही गया, इसी प्रकार इंदिरा आवास दिलाने के नाम पर कई लोगो ने वर्तमान ग्राम प्रधान पर 10 हजार रुपये की रिश्वत लेने कस भी आरोप लगाया, जिला अधिकारी ने भ्रस्टाचार के इन मामलों को जांच करवाकर कार्यवाही करवाने के निर्देश दिए...
जिला अधिकारी की इस औचक निरीक्षण में यह देखने को मिला कि गाव के जिन लोगो के यहाँ शौचालय बने भी है तो इसका प्रयोग नही कर रहे हैं, शौचालयों को स्टोर के रूप में उपयोग किया जा रहा हैं, कुछ शौचालयों में जाले लागे हैऔर उनकी सीट में ईंटे भारी हुई हैं...
गाव से बाहर जाकर जब देखा गया तो वहां बड़ी संख्या मे लोग एक तालाब में सौच करते मिले, उनको वही खेत मे जाकर समझाया गयाऔर शौचालय बनवाने की हामी भरवाई गई...
कुल मिलाकर यह देखने मे आया कि लोग व्यवहार परिवर्तन करने के लिए आसानी से तैयार नही हो रहे हैं, लोगो का कहना था कि वो ताजिंदगी खुले में शौच करते आये है इसलिए इसका बुरा नही मानते...
एटा के जिला अधिकारी अमित किशोर की इस पहल की जिले के सभी गावो में चर्चा है, लोग खुले मे शौच करने से पहले सोचने लगे हैं, आज पूरे एटा जिले में इस तरह के 18 गावो में अलग अलग टीमो ने शुवह सुबह शौच के समय गाव में पहुंचकर पुरुषो और महिलाओ को खुले में सौच न करने के लिए प्रेरित किया, जिले के अलग अलग ब्लॉकों के 18 अन्य गावों में यह मुहिम अगले दिन भी जारी रही...


रिपोर्ट आकाश शुक्ला

No comments

'; (function() { var dsq = document.createElement('script'); dsq.type = 'text/javascript'; dsq.async = true; dsq.src = '//' + disqus_shortname + '.disqus.com/embed.js'; (document.getElementsByTagName('head')[0] || document.getElementsByTagName('body')[0]).appendChild(dsq); })();
Powered by Blogger.