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एटा मे फर्जी मार्कसीट लगाकर हथ्याई नौकरी,माली से बाबू बनकर बना करोड़ पति,डीएम ने दिये जांच के निर्देश

योगी सरकार 50 वर्ष से ऊपर लापरवाह और कामचोर कर्मचारियों केखिलाफ भले ही सख्ती के मूड में हो लेकिन विभागों में अभी भी ऐसे कामचोर कर्मचारीऔर अधिकारी है जिनकी अगर पोल खुलनी शुरु हो तो आप भी हैरत में पड़ जाएंगें।ताजा मामला एटा में सामनें आया है जहॉं माली के पद पर तैनात एक कर्मचारी नेफर्जीवाड़ा करते हुए जाली मार्कशीट लगाकर क्लर्क की नौकरी हथिया ली और 30सालों से ज्यादा की नौकरी कर डाली। इतना ही नहीं नगर पालिका में तैनात इसकरोड़पति बाबू ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए गृहकर, जलकर, दुकान किरायाआदि की फर्जी रशीदें काटकर करोड़ों रुपये गबन का आरोप है। पूरे मामले का खुलासाहोने के बाद डीएम अमित किशोर ने इसे बेहद गंभीर मामला मानते हुए मामले की जॉंचएडीएम को सौपी है। एटा के इस मुन्ना भाई के भ्रष्टाचार की पोल खोलती हमारेसंवाददाता मनोज श्रीवास्तव की एक खास रिपोर्ट..
वीओ-  नगर पालिका में तैनात जरा इस शख्श को गौर से देखिये, ये है एटा का मुन्नाभाई जिसका नाम निरंकार सिंह यादव है। सपा सरकार रही हो या फिर बसपा सरकारअपनी ऊंची पहुंच और रसूख के दम पर जिस अधिकारी ने भी इनके ऊपर हांथ डालाउसका ट्रांसफर कराने में इसे जरा भी देर नहीं लगी। यही वजह है कि अपने रसूख केबल पर 1986 में ये शख्श माली के पद पर भर्ती हुआ, लेकिन उच्च महत्वकांक्षा केचलते इसे माली के पद पर काम करना बिल्कुन भी नहीं सुहाया। इसके फितरती दिमागमें बाबू की नौकरी पाने का ऐसा फितूर जागा कि 1987 में फर्रुखाबाद के स्वामीआत्मदेव गोपालानन्द इण्टर कालेज से इसने बैठे-बैठे इंटर परीक्षा की मार्कशीट विभागमें लगा दी। फर्जीवाड़ा करते हुए माली के पद पर भर्ती हुआ निरंकार सिंह यादव 1987में प्रोन्नत पाकर बाबू बन बैठा और फिर इसने भ्रष्टाचार की सीमा को लांघते हुए पालिकाकी गृहकर, जलकर, दुकानों के किराये की फर्जी रशीदे काटकर करोड़ों रुपये की वसूलीकी। ये वसूली पालिका के लिए नहीं बल्कि खुद के लिए थी। लेकिन उसके फर्जीवाड़े कीजब परते खुलनी शुरु हुयी तो अधिकारी भी हैरान रह गये। दरअसल 1987 में इसकरोड़पति बाबू निरंकार सिंह यादव ने जिस रोल नम्बर (0477765) की मार्कशीट पेशकी है वो इसका नहीं बल्कि इंटर की प्राईवेट छात्रा साधना सक्सेना का है। जिसे इसनेबाबू की नौकरी हथियाने के लिए विभाग में पेश कर दी। नगर पालिका में अपने जलवेऔर रसूख के दम पर तीस सालों से ज्यादा की नौकरी करने वाले इस मुन्ना भाई केफर्जी दस्तावेजों के सहारे बाबू की नौकरी हथियाने के बाद करोड़ों रुपये की अकूतसंपत्ति बनाने वाले इस बाबू के खिलाफ जिलाधिकारी अमित किशोर नेएडीएम(एफआर) को जॉंच सौप दी है और इसे गंभीर मसला मानते हुए जॉंच के बादइसके खिलाफ कड़ी कार्यवाई की बात कही जा रही है। लेकिन सवाल ये कि तमामसरकारे आयी और गयी लेकिन अपनी पहुंच और रसूख के बल पर जिले के आलाअधिकारियों को भी अपनी हनक में लेने वाले इस मुन्नाभाई के खिलाफ क्या योगीसरकार में कार्यवाई होगी या फिर फर्जीवाड़ा करने वाला ये शख्श अपनी बची नौकरीभी यू हीं काट लेगा।

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