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एटा मे सुलह का संदेश आमजनमानस तक पहुंचाएं, तभी हो सकेगा वादों का निस्तारण -डीएम


एटा-
उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा जारी प्लान ऑफ एक्शन के तहत शनिवार को जिला पंचायत स्थित जनेश्वर मिश्र सभागार में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में जिला जज ओपी अग्रवाल की अध्यक्षता में वृहद ग्राम प्रतिनिधिगण प्रचार प्रसार शिविर का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला जज ओपी अग्रवाल, जिलाधिकारी अमित किशोर, एसएसपी अखिलेश कुमार चौरसिया द्वारा विधिवत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण, द्वीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। जिला जज ने शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि विवादों का वैकल्पिक समाधान एवं मध्यस्थता मार्ग ग्राम प्रतिनिधियों की महती भूमिका होना अतिआवश्यक है। उन्होंने शिविर में मौजूद सभी ग्राम प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी, लेखपाल, कानूनगो, नायब तहसीलदार, तहसीलदार को निर्देश दिये कि मध्यस्थता के मार्ग को अपनाते हुए सुलह का संदेश आमजनमानस तक पहुंचायें, आमजनमानस में न्यायिक जागरूकता लाई जाए। इस दौरान विवादों का वैकल्पिक समाधान एवं मध्यस्थता मार्ग ग्राम प्रतिनिधियों की महती भूमिका नाम पुस्तक का विमोचन किया गया।
                जिला जज ने कहा कि सभी ग्राम प्रधानों से अपील की कि ग्राम में होने वाले झगड़ों को आपसी सुलह समझौते के आधार पर ग्रामों में ही निबटाया जाए। गृह क्लेश के मुद्दों को भी आपसी वार्ता से निपटाने की पूर्ण कोशिश की जाए, आपसी बिखराव से दूर रखें। ऐसे समाज की रचना करें जिससे कि कटु स्वभाव उत्पन्न न हो और सभी प्रशन्न रह सकें, कोई भी उदास न हो तथा मानवता का हर हाल में मान रहना चाहिए। मध्यस्थता केन्द्र के माध्यम से लगभग 4 हजार केसों का निस्तारण किया जा चुका है।
             डीएम अमित किशोर ने शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि वादों को अधिक से अधिक निस्तारण हो सके इसके लिए जिला जज द्वारा अच्छी पहल की गई है। आपसी सुलह समझौते के माध्यम से ग्रामों में सभी विवाद निपटाये जा सकते हैं, इस हेतु सभी सभी अपने-अपने दायित्वों को पूर्ण निष्ठा के साथ निर्वहन करते हुए मानवता का मान रखने का पुरूजोर प्रयास करें। बिना दबाब के निस्तारण कराएं, झूठे मुकदमो पर पूर्ण रोक लगाने का प्रयास किया जाए। सभी ग्राम प्रधान अपने क्षेत्र में एक माह में कम से कम एक वाद का निस्तारण अवश्य कराएं। विधिक सलाहकार राजस्व समिति के अभिन्न अंग हैं, राजस्व संहिता के तहत सभी लेखपाल समयबद्धता शतप्रतिशत सुनिश्चित करायें।
              एसएसपी अखिलेश कुमार चौरसिया ने कहा कि ग्रामीण परिवेश में न्यायिक जागरूकता का होना अतिआवश्यक है। सभी ग्राम प्रधान, ग्राम स्तरीय कर्मचारी गांव के विकास के साथ-साथ छोटे-छोटे झगड़ों को आपसी तालमेल के माध्ष्यम से निबटाएं। कानून व्यवस्था गांव में कायम रहे यही ग्राम पंचायत की सबसे अहम जिम्मेदारी है, गांव की हर छोटी बड़ी घटना की जानकारी पुलिस को दी जाये। गांव में यदि कोई गैगस्टर, गुण्डा प्रवृत्ति का व्यक्ति घूम रहा है तो उसकी भी सूचना संबंधित थाने को देकर पुलिस की मदद करें।
           एडीएम प्रशासन सतीश पाल ने कहा कि आपसी सुलह समझौते के आधार पर हर बड़े से बड़े वाद को निस्तारण किया जा सकता है, हम सभी का यह प्रयास होना चाहिए कि लोगों को अधिक से अधिक जागरूक करें। गांव में सुलह का पाठ पढ़ाएं, चौपाल लगाकर लोगों की समस्याओं को प्रमुखता से सुना जाये। दो पक्षकारों के मध्य होने वाले विवादों को निस्तारित कराने में राजस्व, पुलिस टीम द्वारा भी अपने दायित्व का निर्वहन किया जाए।
           

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