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एटा में गवाहों की सुरक्षा एसओ की अहम जिम्मेदारी,पैरोकार,कोर्ट मोहर्रिर अपनी कार्यशैली सुधारें,अन्यथा विजीलैंस जांच हेतु तैयार रहें-डीएम

एटा- जिला मजिस्ट्रेट विजय किरन आनन्द ने कलैक्ट्रेट सभागार में अभियोजन कार्याें की समीक्षा बैठक के दौरान निर्देश दिये कि मालखाना प्रेषण के संबंध में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाये, चार्ज संबंधित जो भी समस्याएं हैं उनका यथाशीघ्र निस्तारण इन्वेंट्री की रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाये। नोडल अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझें, जो भी दायित्व सौंपे गये हैं उनका पूर्ण निष्ठा के साथ निर्वहन किया जाये। केसों की चार्जशीट दाखिल करने में यदि कोई समस्या है तो उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाई जाये, साथ ही थानों में स्टेशनरी की समस्या को तत्काल दूर किया जाये। डीएम ने निर्देश दिये कि तारीख का अनुश्रवण करते हुए शासकीय अधिवक्ताओं द्वारा प्रभावी पैरवी कर साज आफ्ता की कार्यवाही शतप्रतिशत सुनिश्चित की जाये।

          जिला मजिस्ट्रेट विजय किरन आनन्द ने कहा कि विविध विज्ञान प्रयोगशाला से लैब रिपोर्ट आने में समय नहीं लगना चाहिए, जो भी समस्याएं आ रही है, उन्हंे शासकीय अधिवक्ताओं द्वारा दूर किया जाये। टीम वर्क के साथ कार्य करें, अभियोजन तंत्र के अधिवक्ताओं एवं पुलिस में आपसी रिश्ता कायम रहना बहुत जरूरी है तभी हम केसों को निस्तारण शीघ्र से शीघ्र कर सकेंगे। डीएम ने चेतावनी दी कि अनाश्यक रूप से आमजनमानस को परेशान न किया जाये, किसी भी थाना क्षेत्र में फर्जी केस नहीं मिलने चाहिए, ना ही यह शिकायत मिलनी चाहिए किसी भी व्यक्ति को नाजायज सताया जा रहा है। मूल केसों को गैगस्टर कोर्ट में स्थापित किया जाये, जिससे केसों का निस्तारण अतिशीघ्र हो सके। डीएम ने सभी थानाध्यक्ष को निर्देष दिये कि केस डायरी अच्छे से मैंटेन की जाये, कोर्टवार, थानावार केसों की जो भी पैंडेंसी है उसे तत्काल निबटाया जाये।
           जिला मजिस्ट्रेट ने निर्देश दिये स्मूथली सिस्टम चलना चाहिए, साथ ही सम्मन तामीला, वारण्ट आदि में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाये। सम्मन तामीला में पेरोकार की जिम्मेदारी फिक्स की जाये। पैरोकार, कोर्ट मोहर्रिर के कायों का एनालाइसिस किया जायेगा, पेरोकार अपनी कार्यशैली में सुधार लायें, अन्यथा की स्थिति में विजीलैंस जांच हेतु तैयार रहें। तामीला के संबंध में जो भी पैंडेंसी है उसे एक माह में निबटाया जाये, थानावार सूची प्रेषित की जाये। कोर्ट में बिना पेश हुए कोई भी जमानती वापिस नहीं जाना चाहिए, खाना पूर्ति अब किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं की जायेगी। वादियों से लगातार वार्ता की जाये, पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में सभी अपना सहयोग प्रदान करें। पांच साल पुराने जो भी केस हैं उनको 6 माह मंे प्राथमिकता के आधार पर निबटाया जाये। हीनियत क्राइम के तहत कमेटी गठित की गई है जिसकी समीक्षा हेतु 15, 30 तारीख को बैठक आयोजित की जाये।
    
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