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बुलन्दशहर मे RLD प्रत्याशी ने विधायक बनने की चाह में भाई और समर्थक को उतरवाया मौत के घाट,मुख्य आरोपी परविंदर उर्फ़ प्रवीण चढ़ा पुलिस के हत्थे

बुलन्दशहर-
राष्ट्रीय लोकदल प्रत्याशी मनोज गौतम ने अपने सगे भाई विनोद व समर्थक को विधायक बनने की चाह में उतवाया मौत के घाट
भाई विनोद और समर्थक सचिन पुत्र बनवारी निवासी देवाधाम कालोनी खुर्जानगर की हत्या करा दी थी जिसके सम्बन्ध में थाना खुर्जा नगर पर मु0अ0सं0-112/2017 धारा 302,201 भादनि पंजीकृत है जिसमे दिनांक 07.02.2017 को राष्ट्रीय लोक दल के प्रत्याशी मनोज गौतम व शार्प शूटर फिरोज को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है और मुख्य अभियुक्त परविन्दर फरार चल रहा था। अभियुक्त परविन्दर की गिरफतारी पर मेरे द्वारा रु0 5,000/- का इनाम घोषित किया गया था। आरोपी परविन्दर उर्फ प्रवीन पुत्र सुखराम निवासी ग्राम दाऊपुर थाना जवां जनपद अलीगढ़ को भी थाना खुर्जानगर पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है मुख्य आरोपी परविन्दर उर्फ प्रवीन ने पूछताछ पर सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि मैं पिछले 7-8 महीने से मनोज गौतम के साथ काम करता था और मनोज गौतम मेरे ऊपर सबसे ज्यादा विश्वास करता था। जब मनोज गौतम का बसपा से टिकट कट गया तब से वह काफी परेशान और डिप्रेशन में आ गया था बाद में राष्ट्रीय लोकदल से टिकट हो गया तभी से मनोज गौतम के दिमाग में आया कि कुछ ऐसा किया जाये जिससे जनता की सहानुभूति मुझे मिल जाये। जिसके लिये मनोज गौतम द्वारा मुझे 02 लाख रुपये नगद और बुलन्दशहर में एक फ्लैट देने की बात कही गयी और कहा की गुरूदीप उर्फ गुरुजी की हत्या करनी है जिससे जनता में मैसेज जायेगा की इसके विरोधियो द्वारा गुरूदीप की हत्या की गयी है और इसका लाभ मुझे सीधा चुनाव में मिलेगा और मैं विधायक बन जाऊंगा इस बात को मैंने मना किया कि मैं गुरूजी की हत्या नही करूंगा। फिर घटना से दो दिन पहले जब श्री जयन्त चौधरी का प्रोग्राम खुर्जा में आना तय हो गया था तो फिर मनोज गौतम द्वारा मुझे बताया गया कि अब आपको मेरे छोटे भाई विनोद की हत्या करनी है और मै आपको 02 लाख रुपये ओर फ्लैट दूंगा और हत्या करने के लिए अपनी पिस्टल भी दूगां जिस पर मैंने शर्प शूटर फिरोज से सम्पर्क किया ओर फिरोज को मैंने 50 हजार देने की बात कही तो फिरोज सहमत हो गया फिर मैंने पूरी बात मनोज गौतम को बतायी कि मैं व फिरोज इस घटना को अंजाम देंगे घटना से दो दिन पहले ही मैंने अपने मोबाइल से बात नही की। ओर मुझे गौरव का मोबाइल फोन दिलवाया गया कि घटना के दौरान तुम इसी मोबाइल से मुझ से बात करना और अलमारी से मुझे अपनी लाईसैंन्सी पिस्टल दी जिसकी मैगजीन में 7 कारतूस थे फिर उसी दिन जब श्री जयन्त चौधरी खुर्जा में आये थे लगभग 1.30 बजे मुझे फोन करके पॉलिटैक्निक ग्राउंड में बुलाया और मंच के पीछे ले जाकर कहा कि तुम दोनो अगवाल फाटक पर पहुंच जाओ फिर मैंने राष्ट्रीय लोकदल कार्यालय देवीधाम से गनपत की मोटर साईकिल लेकर एवं साथ में फिरोज को लेकर अगवाल फाटक पर पहुंच गया और हम वहां मनोज गौतम के बताये अनुसार काफी देर तक दांये-बांये इधर-उधर घुमते रहे काफी देर होने के बाद जब विनोद नही आया तो फिर मैंने मनोज गौतम को फोन किया कि अभी तक तो कोई नही आया फिर मनोज गौतम ने बताया कि तुम वहीं रुको मैं अभी विनोद को भेजता हूॅ लगभग एक डेढ घण्टा बाद मनोज गौतम का फोन आया कि विनोद को मैंने भेज दिया है जैसे ही विनोद स्कार्पियो गाडी नं0-यूपी-16बी-2050 से अगवाल फाटक के पास पुल के नीचे पहुंचे तो उसमें विनोद के साथ सचिन भी मौजूद था मैंने मनोज गौतम को पुनः फोन किया कि विनोद के साथ सचिन भी है तो मनोज गौतम ने कहा कि दोनो को मार दो देर मत करो। इसी बीच फोन कटा तो विनोद ने कहा कि विधायक जी (मनोज गौतम) कहा है मैंने कहा कि विधायक जी सामने अगवाल गांव वाले आम के बाग में शराब उतर रही है के पास हैं मैं विनोद व सचिन को अपने साथ खेतो के रास्ते बाग में पहुंचा और फिरोज मोटर साईकिल द्वारा कच्ची सड़क से बाग में पहुंचा बाग में पहुंचकर मैंने पहले सचिन के कन्धे पर हाथ रखकर बात करते-करते पिस्टल निकालकर सचिन के सीने में एक गोली मार दी फिर विनोद के पास जाकर जो पहले से ही फिरोज ने पकड़ रखा था के सीने में गोली मार दी और एक-एक गोली दोनो के मुंह पर मारकर हम वहां से सीधे बालाजी होटल पर आकर कपडो में लगी मिट्टी को साफ कर मनोज गौतम को फोन किया कि काम हो गया हैं मनोज गौतम ने मुझे देवीधाम कार्यालय पर बुलाया मैं सीधा कार्यालय पहुंचा ओर फिरोज अपने घर चला गया कार्यालय पहुंचकर मैंने पिस्टल विधायक जी को दे दी फिर विधायक जी मुझे नारायणपुर गांव अपनी गाडी में बैठाकर ले गये, विधायक जी ने पूछा की मृतक सचिन व विनोद का मोबाइल कहा हैं मैने कहा कि फिरोज के पास है जिस पर विधायक जी ने किसी अनजान नम्बर से फोन कर उसमे पडे सिम तोड कर फिकवा देनो को कहा मैंने राहुल का मोबाइल लेकर फिरोज को फोन किया औऱ बताया कि चारो सिम निकाल कर तोडकर फेंक दे तू किसी बात की चिन्ता मत करना फिर रात को लगभग 12.00 बजे के आस-पास जब सब लोग विनोद व सचिन की तलाश कर रहे थे और गाडी अगवाल फाटक पर मिल चुकी थी तभी गुरूदीप भाई ने मुझसे पूछा कि विनोद व सचिन के बारे में कोई जानकारी है तो मैने मना कर दिया और मैं रात को ही दिल्ली चला गया था उक्त पूरे घटनाक्रम के बारे में मुकदमा वादी गुरूदीप पुत्र जयपाल सिंह निवासी बलराऊ थाना अरनियां जनपद बुलन्दशहर जो प्रत्याशी मनोज गौतम का रिश्तेदार है ने भी बताया कि मनोज गौतम ने लगभग एक डेढ माह पूर्व मुझसे भी यह बात कही थी कि हमारे रिश्ते के चाचा नन्हे खां को मरवाकर अपने राजनैतिक विपक्षी पर आरोप लगाकर जनता में हमारे प्रति सहानुभूति हो जायेगी जिससे हमें राजनैतिक लाभ मिलेगा जिसको मैंने तत्काल मना कर दिया कि तुम ऐसी बाते क्यों करते हो मैंने ज्यादा गौर नही किया यह बात सही है कि उसके ऊपर विधायक बनने का पूरा भूत सवार था क्यांकि घटना से कुछ दिन पहले ही कार्यालय पर मुझसेे बात कर रहा था कि कार्यालय पर दो-तीन कार्यकर्ताओ को मरवा देते है। जिसका आरोप बसपा व भाजपा प्रत्याशी पर लगाकर राजनैतिक प्रोफोगोण्डा बनाकर जनता की सहानुभूति लेकर मैं विधायक बन जाऊंगा जिसको मैंने फिर मना कर दिया लेकिन मैं इस बात को मजाक में ले गया मैं नही समझ पाया कि मनोज गौतम इस हद तक भी जा सकता है। जिस दिन विनोद व सचिन की हत्या हुयी थी उस दिन भी इनके शव मिलने से पहले जब मुझे गौरव ने बताया कि विधायक जी ने मेरा मोबाइल परविन्दर को दिलवाया और विधायक जी ने अगवाल फाटक कहकर विनोद को बुलाया है और अगवाल फाटक पर स्कार्पियो गाडी मिली थी और राहुल के मोबाइल पर रिकार्डिगं सुनी तो मुझे शक होने लगा कि इसमें मनोज गौतम की ही कोई चाल है अभियुक्त परविन्दर की गिरफ्तारी के सम्बन्ध में थाना खुर्जा नगर पर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही करते हुए अभियुक्त को मा0 न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है उक्त घटनाक्रम का पर्दाफाश वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कुशल निर्देशन एंव अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण खुर्जा के नेतृत्व में प्रभारी निरीक्षक खुर्जा मय फोर्स द्वारा उक्त घटनाक्रम का सनसनीखेज खुलासा करते हुये 05 हजार रुपये का ईनामी अपराधी हत्याकाण्ड का मुख्य आरोपी परविन्दर उर्फ प्रवीन को भी गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है
रीशू कुमार
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