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एटा बीएसए कार्यालय में डीएम का छापा,स्कूलों में अवस्थापना सुविधाओं की कमी न रहे, गुणवत्ता की होगी जांचलापरवाही पर एबीआरसी, एनपीआरसी पर गिरेगी गाज,

डीएम के निरीक्षण से बीएसए कार्यालय में मचा हड़कम्प
कन्ट्रोलरूम के माध्यम से होगी शिक्षा की गुणवत्ता, एमडीएम की मॉनीटरिंग
स्कूलों में अवस्थापना सुविधाओं की कमी न रहे, गुणवत्ता की होगी जांच
लापरवाही पर एबीआरसी, एनपीआरसी पर गिरेगी गाज, परफॉरमेंस के आधार पर होगी तैनाती
दिव्यांग स्कूल का होगा कायाकल्प, बनेगा जनपद का सबसे अच्छा स्कूल-डीएम विजय किरन आनन्द
एटा। जिलाधिकारी विजय किरन आनन्द ने शनिवार की अपरान्ह में जिला बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय का निरीक्षण किया, डीएम द्वारा निरीक्षण के दौरान बीएसए कार्यालय में हड़कम्प मच गया, कार्यालय के शौचालय की स्थिति काफी खराब मिली, जिस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए फटकार भी लगाई, साथ ही निर्देश दिये कि नालियां ओवर फ्लो नहीं होनी चाहिए। कर्मचारियों के सेवा संबंधी प्रकरण, जीपीएफ पासबुक, अन्य देयक पत्रावलियां समय से अद्यतन की जाये, इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाये। बीएसए कार्यालय में पारदर्शिता कायम रहना जरूरी है, कार्यालय कर्मचारियों द्वारा किसी भी प्रकरण में अवैध बसूली की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। बीएसए रमाकांत वर्मा को निर्देश दिये कि कार्यालय में बैठकर शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाये। डीएम ने बीएसए कार्यालय के सभी पटलों के निरीक्षण की रिपोर्ट प्रस्तुत करने हेतु लेखाधिकारी, वरिष्ठ कोषाधिकारी, डीजीसी सिविल की संयुक्त टीम बनाने के निर्देश दिये।
           डीएम विजय किरन आनन्द ने सर्वप्रथम निरीक्षण के दौरान पाया कि कार्यालय में साफ सफाई का अभाव था, शौचालय में काफी गंदगी पाई गई, जिसे तत्काल व्यवस्थित करने के निर्देश दिये, साथ ही यह भी कहा कि कार्यालय में अवस्थापना सुविधाओं की कमी नहीं रहनी चाहिए। प्रधान लिपिक कक्ष के निरीक्षण के दौरान निर्देश दिये कि कर्मचारियों का कार्य विभाजन तत्काल किया जाये, मुख्यालय, एबीएसए कार्यालय के कर्मचारी अपने अपने कार्यां को निबटायें, शिक्षक संघों को पत्र लिखकर उनसे सेवा संबंधी मामलों की सूची प्राप्त की जाये। प्रसूति अवकाश रजिस्टर चैक किया, निर्देश दिये कि सभी अवकाश रजिस्टर को आनलाईन किया जाये, अलमारी में इण्डैक्स अवश्य लगाया जाये, अवकाश हेतु प्रस्तुत आवेदनों के संबंध में कोई रिकार्ड मैंटेन नहीं मिला। निर्देश दिये अभिलेखों के रखरखाव एवं कर्मचारियों का शोषण बर्दाश्त नहीं की जायेगा, संलिप्त कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्यवाही होगी। डीएम को गुणवत्ता प्रकोष्ठ कक्ष के निरीक्षण में काफी कमियां मिली, जिस पर संबंधित कर्मचारी को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिये कि कक्ष में एक कन्ट्रोलरूम स्थापित किया जाये, जिससे शिक्षकों की मॉनीटरिंग हो सके, साथ ही सभी एबीआरसी, एनपीआरसी शिक्षा की गुणवत्ता की जांच हेतु स्कूलों का नियमित रूप से निरीक्षण करें, अन्यथा उनको भी नहीं वख्शा जायेगा।
         डीएम विजय किरन आनन्द ने कहा कि मार्च महीने से स्कूलों में अवस्थापना सुविधाओं, शिक्षा की क्वालिटी की जांच कराई जायेगी। जनपद के 2037 विद्यालयों के सापेक्ष सिर्फ 1398 विद्यालयों में किचन सैड पाये जाने पर डीएम ने आश्चर्य व्यक्त किया , साथ ही निर्देश दिये जिन विद्यालयों में किचिन सैड नहीं हैं उनकी सूची प्रस्तुत करें। एमडीएम वितरण की स्थिति काफी खराब पाई, सख्त निर्देश दिये कि बच्चों का एमडीएम पर पूरा हक है, उनको उच्च क्वालिटी का एमडीएम उपलब्ध कराया जाये, विद्यालयों में अब खाना पूर्ति नहीं चलेगी, गलत सूचना भेजे जाने पर संबंधित प्रधानाध्यापक को भी नहीं वख्शा जायेगा, उपस्थिति के अनुरूप विद्यालयों में एमडीएम का वितरण होना चाहिए, एमडीएम की मॉनीटरिंग हेतु विद्यालयों से प्रतिदिन के वितरण के फोटोग्राफ मंगाये जायें। तहसील, ब्लाक लेबल पर टास्कफोर्स की बैठक के साथ ही शिक्षा की गुणवत्ता हेतु शिक्षकों की कार्यशाला का आयोजन कराया जाये। अलीगंज-जैथरा में स्थिति ज्यादा खराब क्यों हैं, उड़नदस्तों के माध्यम से चैकिंग कराई जाये।
         डीएम विजय किरन आनन्द ने निर्देश दिये कि नवीन मान्यता हेतु, मृतकाश्रितों, गायब शिक्षकों की रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने निर्देश दिये कि सभी ब्लाकों से 25 तारीख तक उपस्थिति रिपोर्ट बीएसए कार्यालय में प्रस्तुत कर दी जाये, जिससे कर्मचारियों को प्रत्येक माह की 1 तारीख को वेतन मिल सके। लेखाकार एरियर आदि के बिलों के भुगतान में लापरवाही न बरतें, बसूली की शिकायत मिली तो खैर नहीं।
            डीएम ने लगातार अनुपस्थित रहने वाले प्रेरकों की सेवा समाप्त करने के निर्देश दिये, साक्षरता मिशन के तहत जो भी पैंडेंसी हैं उन्हें अतिशीघ्र निबटायें। जनपद स्तर पर विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं होनी चाहिए, साथ ही प्रत्येक स्कूल में एक घण्टा खेल हेतु निर्धारित किया जाये। डीसी निर्माण को फटकार लगाते हुए निर्देश दिये कि स्कूलों में वाण्ड्रीवाल, शौचालय हेतु जो भी अनियमितताएं हैं उन्हें तत्काल दूर करें। दिव्यांगों की शिक्षा व्यवस्था पर भी फोकस किया जाये, विकलांग स्कूल का कायाकल्प शतप्रतिशत होना चाहिए, साथ ही दिव्यांगों हेतु स्कूल को जनपद का बेस्ट स्कूल बनाया जाये।
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