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एटा डीएम ने तहसील अलीगंज के निरीक्षण में अव्यवस्था मिलने पर एसडीएम,तहसीलदार को लगाई फटकार,निर्गत आदेशों के क्वालिटी फेल,संदर्भ निस्तारण में भी मिली शिथिलता

प्रार्थनापत्रों के निस्तारण की रैण्डमली जांच में डीएम को मिली खामियां
रोस्टर के अनुसार 16-31 मार्च तक ग्रामों में खतौनी पढ़ने की कार्यवाही होगी शुरू
एटा। डीएम विजय किरन आनन्द ने सोमवार की अपरान्ह में तहसील अलीगंज का निरीक्षण कर आमजनमानस को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं को चैक किया। डीएम ने इस दौरान सभी एसडीएम को निर्देश दिये कि अपनी-अपनी तहसील के सभी पटलों का माह में एक बार निरीक्षण अवश्य करें, साथ ही समस्त कर्मचारियों का कार्यविभाजन कर सूची एक सप्ताह में प्रस्तुत करें, दो साल से एक ही स्थान पर तैनात कर्मचारियों को दक्षता के अनुरूप परिवर्तित किया जाये। तहसील में अवस्थापना सुविधाआंे की कमी नहीं रहनी चाहिए, हर पटल का विस्तृत गैप एनालाईसिस कर सभी पटलों को आदर्श तहसील के रूप मंे विभाजित करें। एसडीएम प्रतिमाह अपनी तहसील क्षेत्र के ग्राम प्रधान, कोटा डीलर, लेखपाल के साथ माह के द्वितीय शुक्रवार को बैठक कर राशन, संदर्भ सहित समस्त प्रकार की समीक्षा करें। इसके साथ ही सभी लेखपालों का ग्रामों में बैठने हेतु रोस्टर एक सप्ताह में जारी कर रिपोर्ट दें, जिससे 3 माह बाद उनकी परफाॅर्मेंस एनालाईसिस करने के उपरान्त रेटिंग के आधार पर तैनाती की जा सके।
         डीएम विजय किरन आनन्द ने कहा कि सभी लेखपालों को एक रजिस्टर उपलब्ध कराया जाये, जिसमें ग्राम सभा की भूमि की स्थिति की रिपोर्ट सभी लेखपालों द्वारा आगामी 15 दिन में उक्त रजिस्टर पर अद्यतन की जाये, लेखपालो द्वारा झूठी रिपोर्ट अद्यतन करने पर दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी। तहसील में प्रस्तुत होने वाली शिकायतों की माॅनीटरिंग सभी एसडीएम स्वयं करें, तहसील प्रांगण में कोई भी दलाल दिखा तो संबंधित की खैर नहीं, साथ सब रजिस्ट्रार कक्ष में कर्मचारियों द्वारा आमजनमानस को शोषण कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
          डीएम ने बीआरसी कक्ष के निरीक्षण के दौरान अव्यवस्था मिलने पर कड़ी नाराजगी जताई, निर्देश दिये कि आईडियल बीआरसी बनायें, उच्चाधिकारियों द्वारा बीआरसी कक्ष का कभी भी निरीक्षण किया जा सकता है। राजस्व लिपिक कक्ष में संदर्भांे की पैंडेंसी काफी मिली, डीएम ने स्वयं 10 संदर्भाें की रेण्डमली जांच की, जिसकी रिपोर्ट काफी खराब मिलने पर एसडीएम मोहन सिंह प्रति कड़ी नाराजगी जताई। तहसीलदार कोर्ट के निरीक्षण में डीएम को सबकुछ गोलमाल मिला, धारा 34, 122बी के आदेश में भी काफी शिथिलता बरती गई, कोर्ट केसों का निस्तारण समय से नहीं हो रहा था। तहसीलदार विजय कुमार छत्रपति द्वारा जो भी आदेश पारित किये गये, उनकी क्वालिटी गुणवत्तापूर्ण नहीं थीं, निवैन्यू कोर्ट, संदर्भ निस्तारण की स्थिति निल पाई गई, जिस पर डीएम ने तहसीलदार विजय कुमार छत्रपति को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल सभी व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिये।
              डीएम ने एसडीएम कोर्ट के निरीक्षण के दौरान निर्देश दिये कि कोर्ट के बार नोटिस बोर्ड चस्पा किया जाये, धारा 176, 182बी, 229बी, 145, 133, 122 आदि के केसों को अधिक समय तक पैंडिंग न रखा जाये, साथ ही तीन माह मंे 229बी के केसों का शतप्रतिशत निस्तारण किया जाये। एसडीएम कोर्ट में में भी केसों के निस्तारण की स्थिति ठीक न मिलने पर एसडीएम मोहन सिंह को फटकार लगाई। निर्देश दिये कि तहसीलदार, एसडीएम अपने क्षेत्र के 10-0 ग्रामों की रैण्डमली जांच करें, कि लेखपालों द्वारा विरासत आदि कार्य सही से सम्पादित किया जा रहा है या नहीं। लेखपालों द्वारा कुर्राबंदी 15 दिन में हर हाल मंे पूर्ण कर ली जाये।
            डीएम द्वारा इस दौरान नायब तहसीलदार कक्ष, ईडिस्ट्रिक्ट कक्ष, नजारत, स्वान कक्ष, कम्प्यूटर कक्ष आदि का भी निरीक्षण कर समस्त व्यवस्थाएं तत्काल सुधारने के निर्देश दिये। उन्होंने संग्रह कार्यालय, रिकार्ड रूम के निरीक्षण के दौरान अमीनवाइज आरसी पैंडेंसी एक्सल फाइल में कन्वर्ट करने के निर्देश दिये, मार्च तक सभी एसडीएम अपने-अपने क्षेत्र के शिथिल 5 अमीनों की सेवा समाप्ति की सूची दें, साथ ही नायब तहसीलदार द्वारा मार्च माह में कम से कम 50 लाख की बसूल की जाये।
             डीएम ने इस दौरान तहसील प्रांगण के निरीक्षण के दौरान प्रांगण में कैंटीन खोले जाने, खाली पड़े कमरों में ब्लाक स्तरीय कार्यालय स्थापित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि तहसील प्रांगण में जिला उद्यान अधिकारी से समन्वय स्थापित कर वृक्षारोपण किया जाये, साथ ही आमजनमानस को बेहतर सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से तहसील में शौचालय की भी व्यवस्था की जाये

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