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मुकदम्मे से नाम हटाने के माग रहा था चौकी इंचार्ज दस हजार,दस हजार रुपये सहित चढ़ा विजिलेंस के हत्थे

लखनऊ-
पुलिस विवेचना के नाम पर किस प्रकार उगाही व बड़े-बड़े खेल करती है, इसकी पोल बुधवार को विजलेंस की जांच में खुल गई। गोमतीनगर स्थित मधुरिमा रेस्टोरेंट में हजरतगंज की दक्षिणी चौकी प्रभारी एजाज अहमद खान को विजलेंस की टीम ने 10 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। वह हजरतगंज कोतवाली में दर्ज एक मुकदमे में नामजद दो आरोपियों के नाम निकालने के लिए 50 हजार रुपये की मांग कर रहे थे।
विजलेंस के डिप्टी एसपी जेके सिंह के मुताबिक हजरतगंज क्षेत्र स्थित रायल कैफे रेस्टोरेंट में वेतन को लेकर कुछ कर्मचारियों व प्रबंधन के बीच जून में विवाद हो गया था। इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। रेस्टोरेंट प्रबंधन की ओर से कर्मचारी भागवत प्रसाद मिश्रा व अगम शरण जोशी सहित अन्य के खिलाफ दर्ज मुकदमे की विवेचना दक्षिणी चौकी प्रभारी एजाज अहमद कर रहे थे। बताया गया कि करीब दो माह पूर्व एसआइ केएन तिवारी से यह विवेचना एजाज अहमद को स्थानान्तरित की गई थी। भागवत मिश्रा ने बताया कि दारोगा एजाज अहमद उनका और अगम शरण का नाम मुकदमे से हटाने के लिए 50 हजार रुपये देने का दबाव बना रहे थे। रुपये न देने पर उन्हें जेल भेजे जाने की धमकी दी थी। इस पर भागवत मिश्रा और अगम शरण ने पूरे मामले की शिकायत विजलेंस अधिकारियों से की थी। डिप्टी एसपी के मुताबिक एजाज अहमद ने बुधवार शाम रुपये लेने के लिए दोनों नामजद आरोपियों को मधुरिमा रेस्टोरेंट में बुलाया था। जहां विजलेंस की टीम के अलावा गवाह के तौर पर बीडीओ सरोजनीनगर भोलानाथ व जिला अल्संख्यक कल्याण विभाग के अधिकारी राहुल गुप्ता भी मौजूद थे। 10 हजार रुपये घूस लेते चौकी प्रभारी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। डिप्टी एसपी की ओर से आरोपी चौकी प्रभारी के खिलाफ विभूतिखंड थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। बताया गया कि आरोपी एजाज अहमद पदोन्नति पाकर दारोगा बने थे।-

सिपाही की भूमिका की होगी जांच

चौकी प्रभारी के साथ उनका हमराह सिपाही अंकित भी रेस्त्रां पहुंचा था। विजलेंस अधिकारियों के मुताबिक घूस लेते दारोगा को पकड़ा गया। सिपाही की भूमिका की जांच की जाएगी। उसके अनुरूप आगे की कार्रवाई होगी।

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