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एटा - अधिकारी मिलते नहीं है अधिकार चांटा मारकर छीना जाता हैं -राजवीर सिंह

एटा-
बी जे पी के ओ बी सी सम्मलेन को संबोधित करते हुए एटा के बी जे पी संसद राजवीर सिंह ने एक बार फिर कहा कि मैंने दो दिन पूर्व अलीगढ में पुलिस के ऊपर बयान दिया था उस पर मैं आज भी कायम हूँ।  उन्होंने कहा जो लोग पार्टी के एजेंट बनकर कार्य करेंगे उन्हें किसी भी कीमत पर बक्शा नहीं जाएगा।
उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनाव को देखते हुए उन्होंने एक बार फिर से ओ बी सी को अधिकार दिलाने का राग अलापा हैं।  उन्होंने आज बी जे पी के  ओ बी समेलन में कहा कि ओ बी सी को अभी तक न्याय नहीं मिला और इसके लिए गठित काका कालेलकर रिपोर्ट को आज तक मान्यता नहीं मिली।  उन्हने कहा इसके लिए हम सभी ओ बी सी के सांसदों का प्रतिनिधि मंडल प्रधानमन्त्री से मिलकर काका कालेलकर रिपोर्ट को कानूनी मान्यता दिलाने की मांग करेंगे और हमें आशा है कि प्रधानमन्त्री हमारी मांगों  को मानेगे और हमें न्याय मिलेगा। 

एटा में शिकोहाबाद रोड पर पी एल गार्डन में आयोजित बी जे पी के ओ बी सी सम्मलेन में बोलते हुए आज एटा के सांसद राजवीर सिंह ने कहा कि देश में ५६ फीसदी ओ बी सी को आज तक न्याय नहीं मिला।  उन्होंने कहा कि ओ बी सी को कानूनी  हक दिलाने के लिए १९९३ में काका कालेलकर आयोग की रिपोर्ट सरकार को मिली थी परंतु इसके २१ साल बाद तक कांग्रेस सरकार ने इसे कानूनी मान्यता प्रदान नहीं की। उन्होंने कहा कि हम ओ बी सी के सांसदों के प्रतिनिधि मंडल के साथ प्रधानमन्त्री से मिलकर काका कालेलकर  रिपोर्ट को कानूनी मान्यता देने की मांग करेंगे। 
उन्होंने अपने भाषण में कहा कि ओ बी सी को २७ फीसदी आरक्षण देने का भ्रम फैलाया जा रहा है जबकि ओ बी सी का ये २७ फीसदी कोटा आजतक पूरा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि मैं लोक सभा की पिछड़ा वर्ग समिति का सदश्य हूँ जिसमे मैंने जब पता किया तो पता लगा कि कही ५, तो कही ७ कही १४ फीसदी ही कोटा मिला हैं।  १६ फीसदी से ज्यादा तो पिछड़े वर्ग कोकोटा ही नहीं मिला।  उन्होंने कहा की जब उन्होंने समिति से इसका कारण पूंछा तो उनके अधिकारियों ने बताया कि  ओ बी सी का कोटा पूरा करने के लिए योग्य व्यक्ति नहीं हैं।  उन्होंने ने सम्मलेन में मौजूद ओ बी सी की  भीड़ भीड़ से पूंछा कि क्या ओ बी सी में योग्य व्यक्ति नहीं हैं तो सभी ने ना में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मैंने ६ माह  का समय दिया हैं दो माह बीत चुके हैं उसके बाद मैं समिति के चेयरमैन के खिलाफ लिखकर दूंगा।
उन्होंने ओ बी सी को अधिकार न मिलने पर कहा कि "अधिकार मिलते  नहीं है अधिकार  चांटा मारकर छीना जाता हैं।  ताकत होती हैं तो अपने आप अधिकार मिल जाता हैं। उन्होंने कहा कि हमें भीख नहीं अधिकार चाहिए कोई खैरात नहीं। उन्होंने कहा कि इसके लिए हम सभी  ओ बी सी के सांसद प्रधान मंत्री से मिलेंगे और हमें पूरा विश्वास हैं कि प्रधानमंत्री हमारी मांगो को मानेगे और हमें न्याय मिलेगा। जब उनसे पूंछा गया  कि  अब तो बी जे पी की सरकार हैं और प्रधानमन्त्री खुद ओ बी सी से आते हैं तो अब क्यों काका कालेलकर रिपोर्ट को कानूनी दर्जा मिल रहा तो उन्होंने कहा कि हमें पूरा विस्वास है कि प्रधानमन्त्री हमें न्याय देंगे और हम कानूनी मान्यता लेकर रहेंगे। 
जब उनसे पूंछा गया की नोट बंदी के कारण पूरे देश में अभी तक १२५ लोगो की मौत हो चुकीहैं और अखिलेश सरकार मको मुआवजा भी दे रही हैं परंतु बी जे पी ने इनमैटो पर शोक भी नहीं जताया तो उन्होंने कहा कि प्रधानमन्त्री ने अफ़सोस जताया है और वित्त मंत्री ने दुःख व्यक्त कियाहैं।  जब उनसे पूंछा गया कि नॉट बन्दीको लेकर जब ३० दिसंबर तक का समाय दिया गया हैं तो उससे पहलेणीत नए नियम क्यों बदले जा रहेहैं तो उन्होंने कहा कि इस बारे  में हमारे ऊपर  के  लोग बोलेंगे या मंत्री लोग बतायेगे मुझ जैसा छोटा आदमी इस बारे में कुछ नहीं कह सकता।

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