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मोदी-देशवासी अगर आतंकियों की हरकत पर ध्यान रखें तो वे सफल नहीं हो सकते

लखनऊ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीराम लीला कमेटी, ऐशबाग में मुख्य अतिथि के रूप में जनसमुदाय से अपने भीतर की कुछ बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प दिलाया। इसके साथ ही उन्होंने आतंकवाद को मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन बताया। पीएम मोदी ने आतंकवाद को संरक्षण देने पर अपने पड़ोदी देश पाकिस्तान को साफ चेतावनी दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज प्रदेश की राजधानी में रामलीला में रावण वध देखा। वह भावविभोर थे। निर्धारित समय से करीब 40 मिनट ज्यादा रुके। अपने भाषण की शुरुआत और समापन जयश्रीराम के उद्घोष से किया और कहा यह आवाज दूर तक जानी चाहिए। मोदी ने रावण को आतंकवाद का प्रतीक बनाकर सभी तरह की बुराइयों पर विजय का आह्वान किया। कहा कि आतंकवाद मानवता का दुश्मन है। विश्व की सभी शक्तियों को आतंकवाद के खिलाफ एक होकर लडऩे की जरूरत है। पाकिस्तान का नाम लिए बिना उन्होंने सख्ती के साथ कहा कि आतंकवाद के मददगारों को बख्शेंगे नहीं।

ऐशबाग के रामलीला मंच पर बिल्कुल दार्शनिक अंदाज में मोदी 25 मिनट बोले लेकिन उन्होंने सभी पक्षों को छुआ। उन्होंने कहा कि आतंकवाद से पूरा विश्व तबाह हो रहा है। दो दिन से हम सीरिया की एक छोटी बालिका का चित्र देख रहे हैं। आंख में आंसू आ जाते हैं। 30-40 वर्ष पहले आतंकवाद पर देश चर्चा करता तो कुछ देशों के गले नहीं उतरता था। अमेरिकी अफसर से 1991 में हमारी बात हुई तो उसने कहा यह तो आपके यहां कानून-व्यवस्था का मसला है लेकिन 26/11 की घटना के बाद सारी दुनिया को आतंकवाद पता चल गया। आतंकवाद खत्म किये बिना मानवता की रक्षा नहीं हो सकती।

मोदी ने शांति और सद्भावना पर जोर देकर राम के साथ श्रीकृष्ण को भी याद किया। बोले, इन दोनों महापुरुषों के जीवन में युद्ध था लेकिन हम वह लोग हैं जो युद्ध से बुद्ध की ओर चले जाते हैं। कभी-कभी परिस्थितियों वश युद्ध की ओर भी जाना पड़ता है, पर यह देश युद्ध का नहीं बुद्ध का है। इस देश की विशेषता है कि हम दोनों तराजू पर संतुलन लेकर चलते हैं।

राम नहीं बन सकते तो जटायु की तरह लडिए

मोदी ने प्रतीकों के जरिए समाज की बुराइयों को भी दूर करने की नसीहत दी। कहा, आतंक के खिलाफ पहली लड़ाई कोई फौजी, कोई नेता नहीं लड़ा। आतंकवाद के खिलाफ पहली लड़ाई जटायु ने लड़ी। नारी के सम्मान के लिए यह लड़ाई थी। कहा कि 125 करोड़ जनता अगर राम नहीं बन सकती तो जटायु की भूमिका निभा सकती है। देशवासी अगर आतंकियों की हरकत पर ध्यान रखें तो वे सफल नहीं हो सकते। दुराचार, भ्रष्टाचार हमारे समाज को तबाह कर रहे हैं। ऐसे लोग रावण नहीं तो क्या हैं।

घर में पैदा होने वाली सीता को बचाइए

मोदी ने कहा कि आज विजयादशमी है और पूरा विश्व गल्र्स डे मना रहा है। सीता मां पर अत्याचार करने वाले रावण को हर साल जलाते हैं लेकिन कभी सोचा कि बेटा-बेटी में फर्क क्यों करते हैं। कन्या भ्रूण हत्या पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा, अपने अंदर का रावण मारिए और घर में पैदा होने वाली सीता को बचाइए। उन्होंने अमीर-गरीब के बीच की खाई दूर करने के साथ ही बेटियों को समान शिक्षा और महिलाओं को बराबरी के अधिकार की भी पैरवी की। उन्होंने कहा बेटियों के पैदा होने पर भी उत्सव मनाइए। इस दौरान पूरी तरह भावुक हो गये थे।

अशिक्षा और गंदगी दूर करने पर जोर

मोदी महापर्व पर अपने सामाजिक अभियान को गति देना भी नहीं भूले। उन्होंने गंदगी को भी रावण का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह गंदगी हमें तबाह कर रही है। अल्प आयु में हजारों-लाखों बच्चे काल कवलित हो जाते हैं। गंदगी रूपी रावण को मारकर आप इन बच्चों को बचा सकते हैं। उन्होंने अशिक्षा को समाज को नष्ट करने वाली शक्ति बताते हुए इस पर भी विजय प्राप्त करने पर जोर दिया।

चुनाव के लिए भी दे दी नसीहत

प्रधानमंत्री ने कोई सियासी बात नहीं की लेकिन उत्तर प्रदेश में आने वाले चुनाव के लिए भी नसीहत दे दी। मोदी बोले कि जातिवाद, संप्रदायवाद व वंशवाद भी रावण की ही तरह है। इसे मारिए। दरअसल, उत्तर प्रदेश में सपा और बसपा पर जातिवाद और कांग्रेस पर लगातार वंशवाद का आरोप लग रहा है। उनका आशय जो रहा हो लेकिन माना गया कि इसे रावण से जोड़कर उन्होंने आम जनमानस को प्रेरित किया है ताकि आने वाले चुनाव में मतदाता इन सभी प्रकार की बंदिशों से ऊपर उठ सकें।

मोदी ने दुनिया में बढ़ाया भारत का मान : राजनाथ

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विजयादशमी के पर्व पर लखनऊ में मौजूद रहने का फैसला किया। नगरी तहजीब और गंगा-जमुनी संस्कृति की मिसाल है। उन्होंने कहा कि यह अटल जी की कर्मभूमि हैं और यहां मोदी का स्वागत सिर्फ विजयादशमी पर्व पर ही नहीं है बल्कि इसलिए भी है कि उन्होंने शिखर पर पहुंच चुके भ्रष्टाचार को खत्म करने में कामयाबी हासिल की है। उन्होंने अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का मस्त ऊंचा किया है। पूरी दुनिया को संदेश दिया है कि यह कमजोर नहीं बल्कि दमदार भारत है। उन्होंने कहा कि रावण बलवान, ज्ञानवान और धनवान होने के बावजूद इसलिए मारा गया क्योंकि उसने मर्यादा तोड़ी।

बुराई के अंत के लिए मोदी ने चलाए तीर

मोदी ने रावण वध तो नहीं किया लेकिन तीर चलाकर प्रतीकात्मक रूप से बुराई के अंत का संदेश दिया। सुरक्षा एजेंसियों ने किसी भी विस्फोटक या आतिशबाजी पर रोक लगा दी थी। दरअसल, रामलीला मंच के ठीक बायीं ओर रावण का एक विशाल पुतला बना था। इस पुतले पर लिखा था कि आतंकवाद का समूल नाश हो। मोदी के जाने के बाद रावण दहन हुआ तो आतंकवाद के नाश का नारा गूंज रहा था। अमौसी एयरपोर्ट से रामलीला स्थल तक पोस्टर, बैनर और झंडों से पाट दिया गया था। सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर सेना के जवानों के मनोबल बढ़ाते बैनर-पोस्टर भी थे।

रामलीला का इतिहास सदियों पुराना

लखनऊ के महापौर और रामलीला समिति के संयोजक व भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. दिनेश शर्मा ने ऐशबाग की रामलीला का इतिहास सुनाया। बोले कि 70 वर्ष से प्रधानमंत्री को यह समिति आमंत्रण भेज रही थी लेकिन पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आमंत्रण स्वीकार कर इसे ऐतिहासिक बना दिया। उन्होंने रामलीला को गंगा जमुनी तहजीब का प्रतीक बताया। मंच पर राज्यपाल राम नाईक, मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के तौर पर गये राज्यमंत्री डॉ. एसपी यादव, पूर्व मंत्री लालजी टंडन, केशव प्रसाद मौर्य समेत कई प्रमुख लोगों का आयोजन समिति ने स्वागत किया। रामलीला समिति के अध्यक्ष हरिश्चन्द्र अग्रवाल, सचिव आदित्यनाथ ने आभार ज्ञापित किया।

मोदी को तुलसी का चित्र और सुदर्शन चक्र

मोदी को रामलीला समिति ने तुलसीदास का चित्र, चांदी की गदा, राम चरित मानस और सुदर्शन चक्र भेंट किया। मोदी के आते ही मंगलाचरण हुआ और फिर उन्होंने राम व लक्ष्मण के पात्रों को तिलक लगाया और आरती उतारी। मंच पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने उनका स्वागत किया। इसके पहले अमौसी एयरपोर्ट पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह और राज्यपाल राम नाईक ने उनकी अगुवानी की। मोदी का स्वागत करने खुद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी पहुंचे थे।

मुलायम की पुत्रवधू भी पहुंची

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री का स्वागत कर भले ही विदा ले लिया लेकिन उनकी अनुज बहू और सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव की पुत्रवधू अपर्णा यादव रामलीला देखने पहुंचीं। दर्शक दीर्घा में आगे थीं और रामलीला समिति ने उनका स्वागत किया। वीआइपी दर्शक दीर्घा में केंद्रीय मंत्री कृष्णा राज, सांसद कौशल किशोर और राम नारायण साहू भी थे।

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