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हरिद्वार में बाबा ने शिस्या से बनाये अवैध सम्बन्ध,जल्द ही डिलेवरी होनी वाली है।

नई दिल्ली-हरिद्वार के अग्नि अखाड़ा के महामंडलेश्वर की एक शिष्या ने संत पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि वह बाबा के बच्चे की मां बनने वाली है। पेट में पल रहा महामण्डलेश्वर का बच्चा, और वो डीएनए टेस्ट कराने को भी है
खुद को संत की विधवा बीवी बताया-

शिष्या तेजेंद्र कौर ने खुद को संत की विधवा बीवी बताते हुए अपने पेट में संत का बच्चा होने का दावा किया है। यही नहीं शिष्या ने यह भी कहा की उसकी शादी बाबा से हो चुकी है। महिला ने दावा किया है कि आश्रम के ब्रह्मचारी बाबा रसानंद से उसके संबंध थे। और वह गर्भवती है जल्द ही डिलेवरी होनी वाली है।

हरिद्वार के प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में शिष्या तेजेंदर कौर (काल्पिनक नाम) ने पत्रकारों को बताया कि वो बच्चे का डीएनए टेस्ट कराने को तैयार हैं। बच्चा पैदा होने पर डीएनए टेस्ट कराएंगी।

ये संत रसानंद बाबा

रसानंद बाबा हरिद्वार के अग्नि अखाड़ा के महामंडलेश्वर थे। हाल ही में उनकी रहस्यमयी तरीके से मौत हुई है।बाबा रसानंद जी महाराज 25 लाख की पजेरो में चलते थे। पूछने पर कहते हैं, भक्त ने दी है। खुद की कोई इच्छा नहीं है। न ही किसी से कभी कोई अपेक्षा रखी है। बाबा का एक 13 साल का बच्चा भी है जो आश्रम में ही रहता है।
करोड़ों की सम्पति भी है विवाद का कारण
हरिद्वार के अग्नि अखाड़े की संपत्ति करीब100 करोड़ से ज्यादा की है। आश्रम की जानकारी के अनुसार बाबा का बेटा आधी संपत्ति का वारिस है। रसानंद के जाने के बाद आश्रम के सबसे बड़े बाबा कैलाशानंद की फिलहाल संपत्ति और आश्रम की देखरेख कर रहे हैं।

रहस्मय तरीके से स्वामी रसानंद की हुई थी मौत
बता दें कि उज्जैन में कुंभ के दौरान स्वामी रसानंद की मौत हो चुकी है। बाबा की मौत का अभी तक रहस्य बना हुआ है। सिहंस्थ के दौरान हुई मौत की खबर से धर्मनगरी में माहौल गरम हो गया था। हर कोई अपने स्तर से महाराज के मौत को कारणों की जानकारी हासिल करने में जुटा हुआ है।
कौन है ये आरोप लगाने वाली शिष्या
खबरों के अनुसार तेजेंदर कौर दिल्ली की रहने वाली है। आरोप लगानी वाली शिष्या तेजेंद्र कौर रसानंद के साथ पिछले आठ साल से आश्रम में ही रह रही थी। जब बाबा की मौत हुई तब भी वह बाबा के साथ थी।

बाकि संतों ने आरोपों को किया सिरे से खारिज
कैलाशानंद ने महिला के आरोपों को गलत बताया है। महिला और आश्रम के झगड़े में पुलिस पड़ने को तैयार नहीं है इसलिए मामला कोर्ट चला गया। वहीं दूसरी ओर अग्नि अखाड़े के संतों ने महिला के सभी आरोपों को खारिज करते हुए उसे गलत बताया है।संतों का कहना है कि यह किसका बच्चा है, वो साबित करना नहीं चाहते हैं।

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