Header Ads

उतराखंड के बागी विधायकों का मामला बागियों को राहत नहीं

उत्तराखंड-कल से होने वाले विधानसभा सत्र में नहीं ले सकेंगे भाग
- 28 जुलाई को अगली सुनवाई

- सुप्रीम कोर्ट ने कई बडे सवाल उठाए, पूछा
- अगर स्पीकर के खिलाफ हटाने के लिए प्रस्ताव लंबित हो तो क्या स्पीकर प्रस्ताव लाने वाले को अयोग्य घोषित कर सकता है ?
- क्या ये नहीं लगता कि उस वक्त स्पीकर बायस होगा ?
- 18 मार्च को जब स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव में क्या आधार दिए गए थे?
- स्पीकर को अगर हटा दिया जाता है तो क्या परिस्थितयां क्या होंगी ?

सुनवाई दो बजे  जारी रहेगी

स्पीकर की ओर से कपिल सिब्बल ने मांग की कि मामला बेहद गंभीर और इसे संवैधानिक पीठ को भेजा जाना चाहिए।
वहीं राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि राज्य का नियम कहता है कि स्पीकर के खिलाफ मोशन लाने से पहले विधानसभा सचिव को 14 दिन पहले सूचित करना होगा। जो बागियों ने नहीं किया।

हरीश रावत सरकार के खिलाफ बागी 9 विधायक एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुँच गए है। बागियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा है कि उन्हें 21 जुलाई से शुरू हो रहे विधानसभा के विशेष सत्र में शामिल होने का मौका दिया जाए। साथ ही उन्होंने स्पीकर के अयोग्य घोषित करने को भी चुनौती दी है।
कोर्ट ने इस याचिका पर बुधवार को सुनवाई की।
बागियों की ओर से कहा गया कि स्पीकर ने 27 मार्च को उन्हें अयोग्य घोषित किया था, वो असंवैधानिक है। उन्होंने इसके लिए सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के अरूणाचल प्रदेश को लेकर आए फैसले को आधार बनाया है जिसमें कहा गया है कि जब स्पीकर को हटाने के लिए प्रस्ताव लाया गया हो, उस वक्त स्पीकर किसी सदस्य को अयोग्य करार नहीं दे सकता। ये संविधान के आर्टिकल 179 C के विरोध में हैं

गौरतलब है कि उत्तराखंड सरकार ने बजट प्रस्ताव सदन के पटल पर पेश करने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया हुआ  है. 21 जुलाई से शुरू होने वाला उत्तराखंड विधानसभा का सत्र दो दिन चलेगा।

No comments

'; (function() { var dsq = document.createElement('script'); dsq.type = 'text/javascript'; dsq.async = true; dsq.src = '//' + disqus_shortname + '.disqus.com/embed.js'; (document.getElementsByTagName('head')[0] || document.getElementsByTagName('body')[0]).appendChild(dsq); })();
Powered by Blogger.