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एटा पुलिस का स्टिंग ऑपरेशन करने की पत्रकार को मिली सजा,झूटा छेड़खानी का मुकदमा लिख भेजा जेल

एटा-
उत्तर प्रदेश की समाजवादी सरकार जहां प्रदेश भर में पत्रकारो के मान सम्मानो को बचाने में लगी है वही एटा जनपद की जैथरा पुलिस ने पत्रकार सुनील कुमार दिवाकर को एक छेड़खानी के मामले में आज दिनाक 24 जून को जेल भेज दिया ।
मामले की यदि तह में जाएं तो सच्चाई यह हे कि पत्रकार सुनील ने छेड़खानी का मामला दर्ज़ होने से पूर्व जैथरा पुलिस का स्टिंग ऑपरेशन किया था जिसमें उन्होंने एक बीडियो बायरल किया पुलिस के कांस्टेबिल द्वारा उगाही करते हुए । वायरल हुए स्टिंग ऑपरेशन को संज्ञान में लेते हुए तत्काल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय एटा अजय शकंर राय ने दोषी दो सिपाहियो को लाइन हाज़िर कर दिया था । चूंकि इस घटना को बीते अभी 24 घण्टे भी नही पूरी तराह से बीते हुए कि खीशियानी बिल्ली खम्बा नोचे की कहावत को चरितार्थ करते हुए निर्दोष सुनील कुमार पत्रकार (दहलता आईना क्राइम पत्रिका,एटा ब्यूरो) को छेड़खानी के मामले में सलाखों में डाल दिया ।
सम्बंधित मामले की जानकारी जब पत्रकारो को हुई तो आनन फानन में पत्रकारो ने अबिलम्ब अपर पुलिस अधीक्षक एटा विसर्जन सिंह यादव से संपर्क स्थापित किया ।
अपरपुलिस अधीक्षक ने मामले को ध्यान में रखते हुए थानाध्यक्ष जैथरा दुबे से सम्पर्क स्थापित किया । फोन
सम्पर्क में कैलास दुबे थानाध्यक्ष जैथरा ने बताया कि पत्रकार सुनील कुमार को उन्होंने मौके से ही छेड़खानी करते हुए पकड़ा हे । जबकि सच्चाई यह हे कि पत्रकार सुनील कुमार को पुलिस मुकदमा लिख जाने के बाद दुसरे दिन सुबह 10 बजे गिरफ्तार किया है ।
तमाम सवालो के घेरे में खुद थानाध्यक्ष कैलास दुबे खुद घिरते नज़र आ रहे हें ।
पत्रकार को दुवेष भावना में जेल भेजने वाले पत्रकार पर शराब के नशे में घिरे होने का आरोप भी लगाया हे जबकि पत्रकार सुनील शराब का कभी सेवन करता ही नही हें । सोची समझी रणनीति के तहत अपर पुलिस अधीक्षक एटा को गुमराह करने वाल कैलास दुबे भले ही कुछ समय के लिए अपना पल्ला झाड़ लें किन्तु पत्रकारो के प्रति उत्पीड़न करने वाले पुलिस के खिलाफ पत्रकार जल्द ही लामबन्द होने के एकजुट हो रहे हें ।
वही यही कहना भी अब जरा सा भी गलत नही होगा कि सूबे की सरकार को निरंतर शर्मशार बनाने में सबसे आगे बढ़ती दिखने लगी हे सूबे की उत्तम पुलिस ,मित्र पुलिस ।
एक जुट हो रही पत्रकारो की शक्ति अब यही कह रही है कि आखिर कितने सुनील जैसे पत्रकारो को जेल भेजोगे?
आप सभी पोस्ट पड़ने वाले लोगो से अनुरोध है कि यदि  सच्चे पत्रकारो की पत्रकारी आप देश में ज़िंदा रखना चाहते हे तो इस पोस्ट को न केवल आगे बढाये वल्कि मामले में सम्बंधित अधिकारी से अवश्य बात करें । देश में सच्ची आवाज़ यदि दब गई तो कभी नही आएंगे अच्छे दिन ।
फिर चाहे कोई भी प्रदेश मुख्यमंत्री बने  या कोई भी देश का प्रधानमन्त्री बने ।
एटा पुलिस अधीक्षक
9454400265
अपर पुलिस अधीक्षक
9454401041
थानाध्यक्ष
9454403240
पीड़ित पत्रकार की पत्नी का नंबर
8126102545
सुमन्त यादव
प्रधान संपादक
एटा
9456413451
9760049090

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