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मुख्यमंत्री ने मजदूरों के साथ खाया दोपहर का खाना

लखनऊ-उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विधानसभा मार्ग स्थित सचिवालय के निर्माणाधीन भवन में निर्माण श्रमिकों के लिए मध्याह्न भोजन योजना का शुभारंभ किया। उन्होंने 250 मजदूरों के साथ पंगत में बैठकर मुख्यमंत्री ने भिंडी की सब्जी व रोटी खाने के बाद आलू की सब्जी का भी जायका लिया। मजदूरों से भी खाने की गुणवत्ता के बारे में पूछा। खाने की प्रशंसा करते हुए टिफिन गाड़ी में रखवा लिया। निर्माण क्षेत्र के श्रमिकों को दोपहर में दस रुपये में भोजन सुलभ कराने की यह योजना लखनऊ में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चार स्थानों पर शुरू की गई है। मजदूरों को भोजन सुलभ कराने के लिए उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (यूपीबीओसी) ने रेलवे की संस्था आइआरसीटीसी से करार किया है। योजना की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजन से मजदूरों को कम कीमत पर पौष्टिक भोजन मिल सकेगा। योजना का विस्तार प्रदेश के अन्य जिलों में भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोशिश होगी कि निर्माण स्थल के आसपास ही किचन की व्यवस्था भी की जाए। उन्होंने आइआरसीटीसी के अधिकारियों को निर्देश दिया कि मजदूरों को उपलब्ध कराए जाने वाले खाने की गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता न किया जाए। आइआरसीटीसी के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अश्विनी कुमार श्रीवास्तव से उन्होंने मजदूरों के लिए बनाए गए सेंट्रल किचन की व्यवस्था के बारे में जानकारी हासिल की। योजना को अन्य जिलों में कैसे लागू किया जाए, इसका खाका तैयार करने के लिए उन्होंने संबंधित अफसरों को निर्देश दिए हैं। उधर पंगत में खाना खाने वालों में मंत्री राजेंद्र चौधरी व शहीद मंजूर भी रहे।

रोटियों की संख्या कम या बढ़वाई जाए

योजना के तहत मजदूरों को भरपेट भोजन मिल रहा है या नहीं, मुख्यमंत्री इसके लिए भी फिक्रमंद दिखे। उन्होंने पंगत में अपने साथ बैठकर खाना खा रहे मजदूरों से पूछा कि खाने में चार रोटी पर्याप्त है या उनकी संख्या बढ़वाई जाए। इस पर महिला मजदूरों ने रोटियों की संख्या को पर्याप्त बताया।

छत्तीसगढ़ के ज्यादातर मजदूर

खाने की गुणवत्ता जानने के साथ मुख्यमंत्री मजदूरों से उनका गृह जिला जानने से नहीं चूके। ज्यादातर मजदूरों ने बताया कि वे छत्तीसगढ़ के निवासी हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने अपने पीछे बैठे मजदूर से उसका गृह जिला पूछा तो उसने बताया कि वह राजधानी के मलिहाबाद क्षेत्र का रहने वाला है।

भोजन का मेन्यू

पहला मेन्यू रोटी सब्जी है। इसमें तीन सौ ग्राम की चार रोटियां, सौ ग्राम सूखी सब्जी, 150 ग्राम रसेदार सब्जी, 40 ग्राम सलाद, 20 ग्राम गुड और 2 हरी मिर्च होंगी। दूसरे मेन्यू में दाल व चावल है। चावल 400 ग्राम, दाल 275 ग्राम, सूखी सब्जी 125 ग्राम, सलाद 40 ग्राम, गुड 20 ग्राम और दो हरी मिर्च होंगी।

भोजन का मूल्य

भोजन का वास्तविक मूल्य 40.48 रुपये है लेकिन पंजीकृत मजदूरों को यह केवल 10 रुपये में सुलभ होगा। शेष धनराशि का भुगतान यूपीबीओसी द्वारा किया जाएगा। वहीं सेंट्रल किचन में भोजन बनने के बाद टिफिन के जरिए पहुंचाया जाएगा।

चार स्थलों पर मध्याह्न भोजन की व्यवस्था

प्रोजेक्ट टिफिन संख्या

एलएनपी प्रोजेक्ट अमौसी 600

न्यू सचिवालय 500

अवध विहार योजना 300

अंसल योजना 300

कुल 1700

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