Header Ads

ब्लॉक प्रमुखों के लिए बुरी खबर है। चौदहवां वित्त आयोग से मिलने वाली धनराशि अब उन्हें नहीं मिलेगी, बल्कि यह धनराशि अब सीधे ग्राम पंचायतों में भेजी जाएगी।

लखनऊ-करोड़ों रुपये खर्च कर क्षेत्र पंचायत प्रमुख की कुर्सी हथियाने वाले ब्लॉक प्रमुखों के लिए बुरी खबर है। चौदहवां वित्त आयोग से मिलने वाली धनराशि अब उन्हें नहीं मिलेगी, बल्कि यह धनराशि अब सीधे ग्राम पंचायतों में भेजी जाएगी। इससे ब्लॉक प्रमुखों को सिर्फ राजवित्त आयोग से मिलने वाली धनराशि का ही सहारा होगा। इधर ग्राम प्रधानों को अब विधायक निधि से अधिक धनराशि प्रत्येक वर्ष मिलेगी। इससे प्रधान जहां मालामाल होंगे, वहीं ब्लॉक प्रमुख कंगाल हो जाएंगे। गांव के विकास की रूपरेखा अब गांव का मुखिया ही तय करेगा। ग्राम पंचायतों को अब विकास कार्य के लिए इतनी धनराशि मिलेगी कि वह दिन-रात रुपये खर्च करने के लिए योजना ही बनाते रहेंगे।

केंद्र सरकार ने विकास का दायित्व ग्राम पंचायतों के  हाथों में सौंप दिया है। अब गांव का विकास कराने के लिए उसे ब्लॉक प्रमुख और क्षेत्रीय विधायक के  सामने नहीं गिड़गिड़ाना होगा। केंद्र सरकार की नई नीति के मुताबिक जिला पंचायत और विकास खंडों को अब सिर्फ राजवित्त आयोग के  तहत ही धनराशि मिलेगी। चौदहवां वित्त आयोग के तहत मिलने वाली धनराशि अब सीधे ग्राम पंचायतों के खाते में जाएगी। बता दें कि जिले में चौदहवां वित्त आयोग के तहत ही सबसे अधिक धनराशि आती है।

डीपीआरओ कुंवर सिंह यादव ने बताया कि अब ग्राम पंचायतों के विकास के लिए धनराशि की कमी नहीं होगी। राजवित्त आयोग, चौदहवां वित्त आयोग में एक वित्तीय वर्ष में करोड़ों रुपये आएंगे। उन्होंने कहा कि इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मार्च माह में 45 करोड़ रुपये प्रधानों के खाते में जो भेजे गए हैं, वह बीते वर्ष की बची हुई धनराशि थी। उन्होंने कहा कि नए वित्तीय वर्ष में भी जल्द किश्त पहुंचेगी। विभागीय जानकारों की मानें तो क्षेत्रीय विधायकों को विकास के लिए प्रतिवर्ष डेढ़ करोड़ रुपये मिलते हैं। केंद्र �

No comments

'; (function() { var dsq = document.createElement('script'); dsq.type = 'text/javascript'; dsq.async = true; dsq.src = '//' + disqus_shortname + '.disqus.com/embed.js'; (document.getElementsByTagName('head')[0] || document.getElementsByTagName('body')[0]).appendChild(dsq); })();
Powered by Blogger.