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एस डी ऍम साहव खुद अपने ऊपर लगे आरोपों की खुद जांच करेंगे दोसी या निर्दोष

शासन ने जिलाधिकारी से मांगी थी जांच रिपोर्ट

एटा- अपने ऊपर लगे गम्भीर आरोपों की एसडीएम अलीगंज खुद जांच करेंगे । शासन ने जिलाधिकारी से जांच रिपोर्ट मांगी थी] परन्तु जिले के जिम्मेदारों ने हद दर्जे की लापरवाही बरतेते हुए एसडीएम अलीगंज की जांच एसडीएम को ही सौंप दी । यानि दागी खुद ही अपने ऊपर लगे दागों की स्वयं जांच करेंगे । जिला प्रशासन की इस लापरवाही से न सिर्फ शिकायतकर्ता हैरान है] बल्कि जिले जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़ा हो गया है ।
    मामला नगर पंचायत जैथरा के तालाब प्रकरण से जुड़ा है । आरटीआई कार्यकर्ता वीरेंद्र कुमार ने तालाब प्रकरण की जांच में लापरवाही बरते जाने, आरोपियों को बचाने] आरोपियों से ही पैमाइश कराने] जांच अधिकारी नामित होने  के बाद भी स्थलीय जांच न करने आदि आरोप लगाते हुए जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से  शासन में एसडीएम अलीगंज चन्दन कुमार पटेल की शिकायत की थी । प्रमुख सचिव] नगर विकास उत्तर प्रदेश शासन ने मामले को गम्भीरता से लेते हुए 4 अप्रैल को आदेश जारी कर जिलाधिकारी एटा से जांच आख्या का मांग ली । जिलाधिकारी एटा ने 8 अप्रैल को एडीएम वित्त को जांच सौंप दी । एडीएम ने शिकायत को गम्भीरता से न लेते हुए एसडीएम की जांच एसडीएम को ही सौंप दी । आरटीआई कार्यकर्ता को जब इसकी जानकारी हुई तो उसने शासन में पुनः शिकायत कर जांच शासन अथवा गैर जनपदीय टीम से कराने की मांग की । मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण योजनायों में शामिल इस पोर्टल को जिले के जिम्मेदारों ने मजाक बना रखा है । पोर्टल पर दर्ज होने वाली शिकायतों का न ततो गम्भीरतापूर्वक अवलोकन किया जा रहा है और न ही जांच हेतु सही अधिकारी के पास भेज रहा है ।

बरती जा रही हद दर्जे की लापरवाही

एसडीएम के खिलाफ की गई एक शिकायत की जांच को एसडीएम के पास भेजे जाने पर लिपिकीय त्रुटि मान भी लिया जाता] लेकिन यहां तो 6 शिकायतों की जांचें ही एसडीएम को सौंप दी गई हैं । सभी 6 शिकायतों में एसडीएम अलीगंज पर गम्भीर आरोप लगाए गए हैं । बावजूद इसके जिला प्रशासन ने आरोपी को ही सौंप दी है । ऐसे में निष्पक्ष न्याय और आरोपियों पर कार्यवाही की उम्मीद किया जाना बेमानी साबित होगा । प्रमुख सचिव नगर विकास ने अपने आदेश दिनांक- 1] 8] 10 व 12 अप्रैल के आदेश में जिलाधिकारी एटा से जांच रिपोर्ट मांगी है । वहीँ जिलाधिकारी ने भी अपने आदेश दिनांक- 11 अप्रैल में एसडीएम की जांच एसडीएम को सौंपी है ।

तहसीलदार करेंगे एसडीएम की जांच

आरटीआई कार्यकर्ता की शिकायत की जांच पर प्रमुख सचिव ने निदेशक स्थानीय निकाय से जांच रिपोर्ट मांगी है । निदेशक ने डीएम एटा से रिपोर्ट तलब कर ली । इस शिकायत में भी एसडीएम की शिकायत की गई है । इस मामले में उस समय अजीबो- गरीब स्थिति सामने आई] जब एसडीएम की जांच उनकी ही तहसील के तहसीलदार को ही सौंप दी गई । एक कनिष्ठ अधिकारी अपने उच्चाधिकारी की जांच करेगा । यह जांच के नाम पर खुला मजाक किया जा रहा है । अब पूरे प्रकरण की शिकायत पुनः शासन में की गई है ।

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