Header Ads

उत्तराखंड मे कल होने वाले बहुमत परीक्षण पर हाई कोर्ट ने लगाई रोक।

देहरादून-
उत्तराखंड में चल रहे बड़े सियासी घमासान में एक नया मोड़ आ गया है। केंद्र सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए उत्तराखंड हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस केएम जोसफ और जस्टिस वीके बिष्ट की बेंच ने आज कहा की शक्ति परीक्षण कराने के फैसले पर पूरी तराह रोक लगा दी है।हाई कोर्ट ने इसे पांच अप्रैल तक टाल दिया है। इसके पहले, मंगलवार को हाई कोर्ट की सिंगल जज बेंच ने 31 मार्च को विधानसभा में पर्यवेक्षक की मौजूदगी में कांग्रेस को शक्ति परीक्षण करने का आदेश दिया था।गौरतलब है कांग्रेस ने इस फैसले को अपने पक्ष में मना था। उधऱ पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा, 'मैं इस फैसले को राज्य और कांग्रेस के स्टैंड के पक्ष में पूरी तराह मानता हूं।मुझे पूरी उम्मीद है कि हाई कोर्ट से हमें पूरा न्यायालय ही मिलेगा।उधर
केंद्र सरकार ने इस पर आपत्ति दर्ज करते हुए दो जजों वाली बेंच के सामने पुनर्विचार याचिका दायर की थी। इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने ऐफिडेविट दाखिल करने के लिए केंद्र सरकार को छह अप्रैल तक का वक्त भी दिया है। खबरों के की माने तो बेंच ने सरकार से यह भी कहा कि उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने की इतनी जल्दबाजी क्या थी। कोर्ट ने कहा कि शक्ति परीक्षण से बेहतर कोई टेस्ट नहीं हो सकता है।छह अप्रैल को केंद्र सरकार को ऐफिडेविट दाखिल करना है। इस पर सुनवाई के बाद ही शक्ति परीक्षण पर आखिरी फैसला दिया जाएगा।गौरतलब है केंद्र ने यह कहते हुए दो जजों वाली बेंच के सामने अपील की थी राष्ट्रपति शासन पर कोई भी कोर्ट स्टे नहीं लगा सकता है।दूसरी तरफ, कांग्रेस ने भी बागी विधायकों को दिए गए वोटिंग के अधिकार पर आपत्ति जताई थी। सदन में कोर्ट का पर्यवेक्षक रखे जाने पर भी कांग्रेस को आपत्ति थी। सिंगल जज बेंच ने मंगलवार को अपने फैसले में कहा कि गुरुवार 31 मार्च को रावत सरकार के शक्ति परीक्षण में अयोग्य ठहराए गए 9 विधायकों समेत सभी विधायक हिस्सा लेंगे। हालांकि, 9 बागी विधायकों का वोट अलग ही रखा जाएगा।हाई कोर्ट ने शक्ति परीक्षण के दौरान विधानसभा की कार्यवाही पर निगरानी रखने के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त करने की भी बात कही थी। इसके पहले, कांग्रेस के 9 बागी विधायकों को पिछले दिनों विधानसभा स्पीकर ने सस्पेंड कर दिया था और राज्य में राष्ट्रपति शासन भी तत्कालीन लगा दिया गया था।

No comments

'; (function() { var dsq = document.createElement('script'); dsq.type = 'text/javascript'; dsq.async = true; dsq.src = '//' + disqus_shortname + '.disqus.com/embed.js'; (document.getElementsByTagName('head')[0] || document.getElementsByTagName('body')[0]).appendChild(dsq); })();
Powered by Blogger.