Header Ads

लखनऊ डॉक्टरों को लड़की सप्लाई करने वाली नर्स

लखनऊ-
सुशीला नाम की नर्स अब भी फरार है। उस पर डॉक्टरों के यहां लड़की सप्लाई करने का आरोप है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस की मानें तो सुशीला ने अपने इस धंधे से करोड़ों की कमाई की है।

दरअसल, सुशीला कोई मामूली नर्स नहीं है। इसकी काफी हनक है। अगर इसकी संपत्ति की बात की जाए, तो वो करोड़ों की मालकिन है। लखनऊ जैसे शहर में उसका नर्सिंग होम है। कानपुर में सुशीला के दो स्कूल चलते हैं।

सुशीला के चंगुल में फंसने वाली एक पीड़िता ने बताया कि वह अपने मकान पर शहर के रईसजादों और डॉक्टरों को बुलवाती थी और हम जैसी लड़कियों को उनके सामने पेश करती थी।

संवेदनशील अंगों पर मिर्च रगड़ती थी सुशीला

रेप पीड़िता ने बताया कि राजधानी के कई बड़े दिग्गज डॉक्टर सुशीला सचान के संपर्क में लगातार बने हुए रहते थे। जैसे ही किसी की ओर से लड़कियों की डिमांड आती थी, वो उनकी हैसियत के हिसाब से रेट तय करती थी।

पीड़िता के अनुसार सुशीला ने सैकड़ों लड़कियों को इस धंधे में धकेला है। खासकर आर्थिक तौर से कमजोर लड़कियों को।

पीड़िता बताती है कि इस धंधे में अगर कोई लड़की ना-नुकुर करती थी, तो वह उन लड़कियों के कपड़े उतार कर उनको पीटती थी। उनके संवेदनशील अंगों पर मिर्च रगड़ देती थी।

क्या था पूरा मामला

पीजीआई की इस नर्स पर नाबालिग के साथ लगातार चार माह तक रेप कराए जाने का मामला सामने आया है। किशोरी ने बर्रा थाने में नर्स और तीन अन्य के खिलाफ 17 फरवरी को शिकायत की थी, जिस पर कानपुर पुलिस ने पॉस्को एक्ट सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। आरोपी नर्स तक पहुंचने के लिए मामला लखनऊ के कृष्णा नगर थाने को ट्रांसफर किया जाना है, जिसकी प्रक्रिया अभी चल रही है।

पीड़िता के मुताबिक, लखनऊ में पीजीआई की नर्स सुशीला सचान ने डॉक्टरों से उसका रेप करवाया। पीड़िता ने बताया कि 150 दिन में 450 लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने जिला अस्पताल उर्सला में पीड़िता का मेडिकल कराया, जिसकी मेडिकल रिपोर्ट पुलिस को नहीं मिली।

आरोपी नर्स के यहां काम करती थी पीड़िता की मां

पीड़िता की मां बर्रा इलाके में रहती है। वह सुशीला सचान के यहां काम करती थी। उसकी दो बेटियां हैं। दोनों बेटियां सुशीला के स्कूल में ही पढ़ती थीं।

लखनऊ ट्रांसफर किया जाएगा केस

इस मामले में कानपुर साउथ एसपी अतुल श्रीवास्तव का कहना है कि मामला लखनऊ के कृष्णा नगर का है, पर महिला उत्पीड़न का मामला होने के चलते पीड़िता की तहरीर पर यहीं मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इसको जल्द ही लखनऊ ट्रांसफर किया जाएगा। सभी कागजी कार्रवाई पूरी की जा चुकी है।

डॉक्टरों और कई लोगों ने किया रेप

पीड़िता ने बताया कि “बीते 26 जनवरी 2015 को सुशीला सचान मेरे घर आई। उसने मेरी मां से कहा कि अपनी बेटी को मेरे साथ लखनऊ भेज दो। वह मेरी और मेरे दो साल के बच्चे की देखभाल करेगी। मां ने मुझे उसके साथ लखनऊ भेज दिया। सुशीला पहले तो मुझसे वार्ड की साफ सफाई करवाती रही, लेकिन एक दिन तीन लोग सुशीला के घर में आए और उन्होंने बारी-बारी से दुराचार किया।” उसने बताया कि उसके साथ आठ माह तक डॉक्टर और अन्य रईसजीदे रेप करते रहे।

पीड़िता के मुताबिक, “मैं किसी तरह भागकर 8 अगस्त 2015 को घर आ गई। सुशीला दोबारा घर आई और मां से छोटी बहन को अपने साथ लखनऊ ले जाने के लिए दबाव बनाने लगी। मैंने मां को अपने साथ हुई आपबीती के बारे में बताया, जिसके बाद पूरे मामले की जानकारी एसएसपी को दी। उन्होंने बर्रा थाने में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए।

17 फरवरी को किशोरी अपनी मां के साथ रात में शिकायत के लिए बर्रा थाने गई थी। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर उसको मेडिकल के लिए उर्सला भेजा था। मेडिकल रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। एसपी का कहना है कि पीड़िता ने पहले भी 2015 में सुशीला के खिलाफ मारपीट की शिकायत की थी। बाद में उसने समझौते की बात कहकर शिकायत वापस ले ली थी। मामले पर संदेह है, जांच लखनऊ पुलिस कर रही है।

No comments

'; (function() { var dsq = document.createElement('script'); dsq.type = 'text/javascript'; dsq.async = true; dsq.src = '//' + disqus_shortname + '.disqus.com/embed.js'; (document.getElementsByTagName('head')[0] || document.getElementsByTagName('body')[0]).appendChild(dsq); })();
Powered by Blogger.