Header Ads

बुलंदशहर की डीएम बी चन्द्रकला के साथ जबरन सेल्फ़ी लेने वाले को सज़ा देने पर हंगामा क्यों?


बुलंदशहर-
अगर आप सोशल मीडिया में रुचि रखते हैं तो आपने ‘लेडी सिंघम’ कहलाने वाली डीएम बी चन्द्रकला का नाम तो सुना ही होगा। एक ऐसी शक्शियत जो प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ सालों से लड़ती चली आ रही हैं। मात्र 23 साल की उम्र में राजस्थान से अपने करियर की शुरुआत करने वाली डीएम चन्द्रकला जहाँ गयीं वहां लोगों के दिल में बस गयी, महिला सशक्तिकरण की चर्चा आज उनका नाम लिए अधूरी मानी जाएगी। देश के दस साहसी अधिकारियों की लिस्ट में उनका नाम आना कोई इत्तेफ़ाक़ नहीं है।
खैर कहते हैं जब कोई ईमानदार कोतवाल चार्ज लेता है तो इलाके के सभी चोर डर कर मौसेरे भाई हो जाते हैं, यह केस भी कुछ ऐसा है। बुलंदशहर एक एक गाँव में जब विकास की योजनाओं के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण मीटिंग चल रही थी, तब फ़राज़ नाम का एक मनचला सभा के बीच में ही घुस कर डीएम के साथ बदतमीज़ी की और जबरदस्ती सेल्फ़ी लेने की कोशिश करने लगा। गौरततलब है कि वो पहले भी एक कार्यक्रम के दौरान डीएम साहिबा के साथ सेल्फ़ी की मांग कर चुका था, तब चन्द्रकला ने हँसते हँसते उसे तस्वीर लेने का मौका दे दिया था। पर इसबार जब एक महत्वपूर्ण सभा के दौरान उसने ऐसा करना चाहा तब पुलिस ने फ़ौरन उसकी इस हरकत को देख शांतिभंग के आरोप में उसे अंदर कर दिया। हालांकि वह अगले ही दिन जमानत पर बरी हो गया, पर राजनीतिक उद्देश्य से इस मामले को मीडिया के कुछ लोगों ने बेशर्मी से पेश किया।
फ़राज़ की डीएम चन्द्रकला के साथ पहली तस्वीर
देश के एक बड़े मीडिया ग्रुप दैनिक जागरण के एक पत्रकार मनोज झा लिखते हैं कि ‘शौक ही तो था, पूरा कर लेने देना चाहिए था’, ये शब्द क्या किसी पत्रकार के हैं? या ये मन की भड़ास है? एक महिला के साथ जबरदस्ती सेल्फ़ी लेने को शौक बताने वाले पत्रकार यहीं नहीं रुके। इस खबर की हेडलाइन में वो लिखते हैं कि अब लोकतंत्र पर खतरा मंडराने लगा है। बाल की खाल खींचने वाले ऐसे ही लोग ऐसे मनचलों को बढ़ावा देते हैं। जब इंटरलॉक टाइल्स से बनी घटिया सड़क पर चन्द्रकला ने ठेकेदार समेत सभी अधिकारियों को फटकार लगाई थी तब ये कहाँ थे? जब क्लीन-यूपी अभियान के तहत उन्होंने लगातार 36 घंटे सफाई करने का कीर्तिमान बनाया था तब ये कहाँ थे?
भारत पितृसत्तात्मक समाज के लिए जाना जाता है और आज भी कुछ लोग इस सोच से उबर नहीं पाये हैं, आशा करते हैं कि भगवान उन्हें जल्दी ही सद्बुद्धि देगा और वो बेवजह चन्द्रकला जैसी निर्भीक डीएम का विरोध बंद करेंगे। कानून सबके लिए एक है, और अनुशासन सबके लिए जरुरी। हिंदुस्तान मेरी जान की पूरी टीम डीएम बी चंद्रकला के साथ है और उनसे ऐसे ही निर्भीकता से काम करते रहने की उम्मीद रखता है।

No comments

'; (function() { var dsq = document.createElement('script'); dsq.type = 'text/javascript'; dsq.async = true; dsq.src = '//' + disqus_shortname + '.disqus.com/embed.js'; (document.getElementsByTagName('head')[0] || document.getElementsByTagName('body')[0]).appendChild(dsq); })();
Powered by Blogger.