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एक हिंदी बेवसाईट ने इस बात का खुलासा किया कि इशरत का संबंध आतंकियों से था,

इशरत जहां को लेकर डेविड हेडली का खुलासा कोई नया है। हेडली ने कबूलनामा के दौरान इशरत में बारे में बताया कि उसका रिश्ता आतंकी संगठन लश्कर से था।

दरअसल, एक हिंदी बेवसाईट ने इस बात का खुलासा किया कि इशरत का संबंध आतंकियों से था, इस बात की जानकारी दो साल पहले ही हो चुकी थी। जब केंद्र की सत्ता में कांग्रेस की सरकार थी। लेकिन उस वक्त इस बात को दिल्ली में ही दफन कर दिया गया।

क्योंकि कांग्रेस की सरकार इशरत मामले में अमित शाह और नरेंद्र मोदी को फंसाना चाहती थी। इसकी साजिश पूर्व गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल के इशारे पर की थी। वेबसाईट ने दावा किया कि उनके पास ऐसे दस्तावेज उपलब्ध है। क्योंकि 26/11 हमले और इशरत जहां एनकाउंटर का मामला जानने के लिए एनआईए की टीम ने 2010 में डेविड हेडली ने पूछताछ करने के लिए शिकागो गए थे। जिसका नेतृत्व लोकनाथ बेहेरा कर रह थे।

इशरत के बहाने PM को फंसाना चाहती थी कांग्रेस

जांच के दौरान ही बेहेरा को हेडली ने बता दिया था कि गुजराज एनकाउंटर में मारी गई इशरत जहां एक आतंकवादी थी। जिसका संबंध लश्‍कर-ए-तैयबा से था। बेहेरा ने ये रिपोर्ट तत्कालिन गृहमंत्री पी.चिदंबरम को सौंपी थी। जिसे चिदंबरम ने बेहेरा की रिपोर्ट का कुछ अंश सार्वज‍निक किया लेकिन इशरत मामले पर खुलासा नहीं किया।

इसके बाद जब साल 2013 में अमित शाह एक आईबी अफसर की फर्जी एनकाउंटर मामले में फंस रहे थे। तभी फिर से इशरत जहां का मामला उछला और मीडिया में ये बातें आई की इशरत एक आतंकवादी थी। जिसे लेकर तत्कालिन केंद्रीय गृहमंत्री सुशील शिंदे ने एनआईए अफसर बेहेरा से पूरी रिपोर्ट मांगी, रिपोर्ट में बेहेरा ने इशरत जहां को एक आतंकवादी बताया, जिससे नाराज शिंदे ने उनकी पूरी रिपोर्ट दबा दी।

बाद में सीबीआई ने इशरत मामले पर एनआईए अफसर बेहेरा से पूछताछ करनी चाही तो शिंदे ने पूछताछ की नहीं दी। क्योंकि इशरत के बहाने कांग्रेस सरकार अमित शाह सहित नरेंद्र मोदी को लपेटना चाहती थी। उधर बेहेरा के रिपोर्ट से नाराज और डरे सुशील शिंदे ने तुरंत एक्शन लेते हुए उनका ट्रांसफर कर पुलिस रिसर्च ब्यूरो भेज दिया। शिंदे को डर था कि वे इस बात को सार्वजनिक ना कर दें, बाद में बेहेरा के तबादले का मामला उछला तो तत्कालिन कांग्रेस सरकार ने कहा कि बेहेरा मीडिया में गुप्त खबर को लीक किया है।

बेबसाईट ने दावा कि सुशील शिंदे ने यह काम सोनिया के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल के कहने पर किया है। पटेल चाहते थे कि आतंकी हेडली कि रिपोर्ट सार्वजनिक ना हो, अगर ये सार्वजनिक हो जाती तो अमित शाह पर उसी समय यह मुकदमा खारिज हो जाती है। जिससे कांग्रेस की राजनीति और मोदी को फंसाने का मौका हाथ से छूट जाता।

हालांकि, दो साल बाद ही सही वीडियो कांफ्रेस में हुई डेविड हेडली से पूछताछ में हेडली ने इस बात को कबूला कि इशरत जहां जो एनकाउंटर में मारी गई। दरअसल, वो एक लश्कर आतंकी थी।

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