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एटा नेता के बेटे के लिए यमराज बने कल्याण सिंह?

एटा-
खुद को गरीबों का हमदर्द और पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ताओं के हितैषी होने का दावा करने वाले राजस्थान के राज्यपाल एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह एक बीजेपी नेता के बेटे के लिए यमराज साबित हुए। बीजेपी नेता ने अपने बेटे की मौत का जिम्मेदार कल्याण सिंह और एटा सांसद राजवीर सिंह सहित कई भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को ठहराया है।

कासगंज जनपद के क़स्बा सहावर निवासी डॉ. भूदेव सिंह राजपूत बीजेपी के वरिष्ठ नेता हैं। वह बीजेपी से नगर निकाय का चुनाव भी लड़ चुके हैं। वह आज भी बीजेपी के सक्रिय पदाधिकारी हैं। गौरतलब हो कि बीते दिनों डॉ. भूदेव सिंह राजपूत के बेटे आशीष राजपूत (16) की अचानक हालत बिगड़ गई। प्राथमिक चिकित्सा के दौरान बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने उन्हें सलाह दी कि वह अपने बेटे के बेहतर इलाज के लिए उसे जयपुर ले जाएँ। वहां उसका इलाज अच्छा हो जायेगा क्योंकि (बाबू जी) कल्याण सिंह राजस्थान के राज्यपाल हैं। श्री राजपूत अपने बेटे को इलाज के लिए जयपुर पहुँच गए। वहां उनके बेटे को आईसीयू में भर्ती किया गया।

बेहतर इलाज की आस लिए जयपुर पहुंचे श्री राजपूत इस उम्मीद के साथ राजभवन कल्याण सिंह से मिलने पहुंचे कि कल्याण सिंह फोन पर सिफारिश कर देंगे तो अस्पताल में उनके बेटे का अच्छा इलाज हो जायेगा, लेकिन कल्याण सिंह ने न तो बिरादरी का लिहाज लिया और न पार्टी के कार्यकर्ता होने का? कल्याण सिंह ने श्री राजपूत से कहा कि आज शुक्रवार है वह सोमवार को आकर मिलें। वह अपनी आँखों में निराशा के आंसू लिए अस्पताल लौट आये, लेकिन पिता अपने जीते जी अपने बेटे को मरते हुए कैसे देख सकता था। उन्होंने कल्याण सिंह के पुत्र एवं एटा सांसद राजवीर सिंह को फोन किया और अपनी पीड़ा बताई तो राजवीर सिंह ने कहा कि वह अभी कासगंज मीटिंग में व्यस्त हैं और दो दिन बाद जयपुर आकर उनसे मिलेंगे।

कल्याण सिंह की एक सिफारिश के लिए डॉ. भूदेव सिंह ने पार्टी के जिलाध्यक्ष से लेकर तमाम बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं के दरवाजे खटखटाये, लेकिन हर जगह से निराशा ही हाथ लगी। लिहाजा एक सिफारिश का इंतजार कर रहा आशीष असमय काल के गाल में समा गया। श्री राजपूत ने अपने बेटे की मौत का जिम्मेदार राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह, एटा सांसद राजवीर सिंह, पूर्व विधायक देवेन्द्र प्रताप सिंह को ठहराया है।
डॉ. भूदेव सिंह राजपूत ने MEDIA को बताया कि उनका बेटा 18 दिन तक वेंटिलेटर पर मौत से लड़ता रहा और वह कल्याण सिंह की एक सिफारिश के लिए बीजेपी नेताओं से मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन किसी ने उनकी मदद नही की। अगर कल्याण सिंह अस्पताल में एक फोन कर देते तो आज उनका बेटा जीवित होता। श्री राजपूत का कहना है कि कल्याण सिंह की वजह से उनके बेटे की जान गई है। जो नेता अपनी पार्टी के कार्यकर्ता या अपनी बिरादरी के व्यक्ति की मदद न करता हो। तो ये कैसे यकीन कर लिया जाये कि वह जनता की मदद करने में खरा उतरता होगा। 

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