Header Ads

पत्नी में हों यह गुण तो समझ ली‌ज‌िए पत‌ि हैं भाग्यशाली शाइन न्यूज़- समुद्रशास्‍त्र में जहां स्‍त्री पुरुष के अंग लक्षण देखकर उनके भाग्य और गुण दोषो को जाना जाता है वहीं शास्‍त्रों कई ऐसी बातों का उल्लेख क‌िया गया है ज‌िससे व्यक्त‌ि के व्यवहार को देखकर ही आप उनके भाग्य और व्यक्त‌ित्व को जान सकते हैं। आइये देखें स्‍त्र‌ियों के उन गुणों को ज‌िन्हें देखकर जान सकते हैं क‌ि इनके पत‌ि भाग्यशाली हैं। पत्नी को शास्‍त्रों में भार्या ओर गृहणी नाम भी द‌िया गया है। आर्थात जो स्‍त्री भोजन बनाने में न‌िपुण हो यानी सभी का भरण पोषण अच्छी तरह से करने की योग्यता रखती है और घर को अच्छी तरह से संभालने की क्षमता रखती है वैसी पत्नी का म‌िलना भाग्य की न‌िशानी है। इस बात का उल्‍लेख गरुड़ पुराण में क‌िया गया है। पत्नी की आवाज में म‌िठास हैं यानी वह सभी से प्रेम पूर्वक बातें करती हैं और क‌िसी को रुखा जवाब नहीं देती है तो यह लक्ष्मी स्वरूपा पत्नी के गुण हैं। गरुड़ पुराण के अनुसार जो स्‍त्री न‌ियम‌ित स्नान ध्यान करके देवी-देवताओं की पूजा करती है और पव‌ित्रता पूर्वक वस्‍त्र, अभूषण धारण करती है वह इंद्र की पत्नी के श‌च‌ि के समान मंगलकारी और पत‌ि के ल‌िए शुभ होती है। पत्नी का सबसे बड़ा गुण पत‌िपरायण होना बताया गया है। यानी जो स्‍त्री अपने पत‌ि की मर्यादा का ध्यान रखती है और कोई भी ऐसा कदम नहीं उठाती ज‌िससे पत‌ि की छव‌ि खराब हो। साथ ही पत‌ि के प्रत‌ि ईमानदारी रखती है। ऐसी स्‍त्री का म‌िलना अच्छे भाग्य की न‌िशानी है।

No comments

'; (function() { var dsq = document.createElement('script'); dsq.type = 'text/javascript'; dsq.async = true; dsq.src = '//' + disqus_shortname + '.disqus.com/embed.js'; (document.getElementsByTagName('head')[0] || document.getElementsByTagName('body')[0]).appendChild(dsq); })();
Powered by Blogger.